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ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के प्रथम दिवस विद्यार्थियों ने किया घुटकु ग्राम का भ्रमण

ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था एवं स्थानीय संस्थाओं की ली प्रत्यक्ष जानकारी

बिलासपुर, 21 सितंबर 2026।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में कृषि स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के सातवें सेमेस्टर में संचालित ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम का प्रथम दिवस ग्राम घुटकु में विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावहारिक गतिविधियों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था, कृषकों की समस्याओं, ग्रामीण संस्थाओं तथा स्थानीय सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस विद्यार्थी महाविद्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम घुटकु, विकासखंड तखतपुर, जिला बिलासपुर पहुंचे। ग्राम में पहुंचने के पश्चात विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम सामुदायिक सेवा केंद्र का अवलोकन किया तथा ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध सेवाओं एवं उनकी उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद बाजार चौक होते हुए बजरंग चौक पहुंचे, जहां ग्रामीणों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ परिचयात्मक बैठक एवं संवाद आयोजित किया गया।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला, घुटकु का भ्रमण किया। विद्यालय में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं तथा विद्यालय की स्थानीय समुदाय में भूमिका के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण जीवन में शिक्षा के महत्व को समझने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के अगले चरण में विद्यार्थियों ने ग्राम पंचायत भवन का भ्रमण किया। यहां कृषक मित्र श्री सुरेंद्र यादव एवं ग्राम पंचायत सरपंच श्री तिलक चंद वर्मा से संवाद हुआ। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को गांव की कृषि व्यवस्था, सामाजिक संरचना, कृषकों की स्थिति, स्थानीय समस्याओं तथा उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम घुटकु का कुल क्षेत्रफल लगभग 4,500 हेक्टेयर है तथा यहां मुख्य रूप से धान एवं विभिन्न सब्जियों की खेती की जाती है। ग्राम की जनसंख्या लगभग 18,000 है। ग्रामीणों के लिए गांव में लगभग 8 से 10 प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, डाकघर, गैस एजेंसी तथा कृषक भवन सहित विभिन्न आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्राम में कुल 20 वार्ड एवं 20 पंच हैं।

विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि गतिविधियों, स्थानीय संस्थाओं तथा कृषकों एवं ग्रामीणों के साथ प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से गांव की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने यह अनुभव किया कि कृषि केवल फसल उत्पादन तक सीमित न होकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन, स्थानीय संस्थाओं और प्राकृतिक संसाधनों से गहराई से जुड़ी हुई है।

ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम कृषि शिक्षा को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकालकर विद्यार्थियों को कृषक और ग्रामीण समुदाय के बीच प्रत्यक्ष सीखने का अवसर प्रदान करता है। ग्राम भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभव विद्यार्थियों में ग्रामीण परिस्थितियों को समझने, कृषकों की समस्याओं की पहचान करने तथा भविष्य में कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि प्रसार कार्यकर्ता के रूप में प्रभावी भूमिका निभाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम का प्रथम दिवस महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन. के. चौरे के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में तथा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. हेम प्रकाश वर्मा के समन्वय से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

ग्राम घुटकु में आयोजित प्रथम दिवस की गतिविधियों ने विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था और समुदाय की वास्तविक परिस्थितियों से रूबरू कराने के साथ-साथ कृषि शिक्षा को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रस्तुत किया।

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