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एजुकेशन सिटी को समय-सीमा में करें पूर्ण, गुणवत्ता से समझौता नहीं—कलेक्टर संजय अग्रवाल

मधुबन की 13 एकड़ शासकीय भूमि पर आकार ले रही एजुकेशन सिटी का कलेक्टर एवं निगम कमिश्नर ने किया निरीक्षण

नालंदा परिसर लाइब्रेरी और एकेडमिक ब्लॉक के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश

कोचिंग, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का बनेगा बड़ा केंद्र

बिलासपुर। शहर के मधुबन क्षेत्र में 13 एकड़ शासकीय भूमि पर विकसित की जा रही महत्वाकांक्षी एजुकेशन सिटी के निर्माण कार्य का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन विभिन्न कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहें।

एजुकेशन सिटी को आधुनिक तकनीक, उत्कृष्ट सुविधाओं और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के प्रथम चरण में नालंदा परिसर लाइब्रेरी एवं एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है।

500 सीटर नालंदा परिसर लाइब्रेरी बनेगी आकर्षण का केंद्र

परियोजना के तहत 11 करोड़ 42 लाख की लागत से 500 सीटर नालंदा परिसर लाइब्रेरी का निर्माण जारी है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस लाइब्रेरी में पब्लिक लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग जोन, रीडिंग हॉल, किड्स रीडिंग एरिया, कैफेटेरिया, लिफ्ट सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह सुविधा विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएगी।

तीन एकेडमिक ब्लॉक में 48 हॉल, कोचिंग से लेकर स्किल डेवलपमेंट तक होंगे कार्य

एजुकेशन सिटी में कुल तीन एकेडमिक ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। इनमें से दो एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण कार्य 15 करोड़ वर्तमान में जारी है, जबकि तीसरे ब्लॉक का निर्माण कार्य स्मार्ट सिटी परियोजना के माध्यम से प्रस्तावित है। एक एकेडमिक ब्लॉक में 16 हॉल का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार तीनों ब्लॉक में कुल 48 हॉल होंगे। इन ब्लॉकों में कोचिंग सेंटर, ट्रेनिंग, सेमिनार, स्किल डेवलपमेंट एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

एस्पिरेंट्स के लिए हॉस्टल सहित मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

एजुकेशन सिटी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले एस्पिरेंट्स के लिए हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके लिए परिसर में पूर्व से निर्मित एएचपी ब्लॉक को हॉस्टल के रूप में विकसित किया जाएगा।इसके साथ ही परिसर में गार्डन, कैफेटेरिया, पार्किंग एवं रिवर फ्रंट स्पेस जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ बेहतर वातावरण और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गति लाने, कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एजुकेशन सिटी शहर के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक अधोसंरचना साबित होगी, इसलिए सभी कार्यों को बेहतर गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किया जाए।

पंडित मुन्नुलाल शुक्ल स्कूल का भी निरीक्षण

बृहस्पति बाजार पुनर्विकास योजना के तहत सब्जी व्यापारियों के लिए पंडित मुन्नुलाल शुक्ल स्कूल में बनाए जा रहे अस्थाई बाजार का भी कलेक्टर संजय अग्रवाल और निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर अग्रवाल ने बाजार में व्यापारी और नागरिकों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए कार्य जल्द पूर्ण कर व्यापारियों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए है इसके अलावा प्रवेश तथा निकास मार्ग व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए है ताकि ट्रैफिक में कोई व्यवधान ना आएं।

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