400 नए क्वार्टर बने, फिर भी पुलिस परिवार के सिर पर सुरक्षित छत नहीं,आज भी 100 से अधिक परिवार कंडम और कच्चे मकानों में रहने को मजबूर

बारिश के मौसम में खप्पर पर तिरपाल लगाकर छत से वर्षा का पानी टपकने से रोक रहे थे परिवार
बिलासपुर।शहर की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के सिर पर आज भी सुरक्षित छत नहीं है। पुलिस विभाग ने ईदगाह चौक और तिफरा पुलिस लाइन में करोड़ों रुपए खर्च कर 400 से ज्यादा नए क्वार्टर बनवाए, लेकिन इसके बाद भी आवास की समस्या खत्म नहीं हुई।
हालत यह है कि 100 से अधिक पुलिसकर्मी परिवार आज भी कंडम और कच्चे मकानों में रहने मजबूर हैं। कई परिवारों के मकानों में खप्पर टूट चुके हैं। बारिश का पानी रोकने के लिए छत पर तिरपाल लगाकर किसी तरह रह रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के मौसम में होती है। कई जर्जर मकानों की छत और दीवारें कमजोर हैं। नालियों की सफाई नहीं होने से बारिश में पानी घरों के अंदर तक पहुंच जाता है। वहीं जहरीले सांप-बिच्छू और दूसरे जीव-जंतुओं के घरों में घुसने का खतरा भी बना रहता है। वहीं, दूसरे मौसम में भी यही समस्या बनी रहती है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बाहर कानून-व्यवस्था की चिंता रहती है तो पीछे परिवार की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है।
इसमें सिटी कोतवाली थाना परिसर और सेंट्रल जेल के सामने सबसे ज्यादा बुरी हालत है।वर्षों पुराने मकान को देखकर किसी की भी आंखों में आंसू आ जायेगा। खंडहर और
बदहाल एवं जर्जर हो चुके मकान कब भसक जायेगा कोई नहीं जानता।
जेल के सामने और तिफरा में समस्या
पुलिस विभाग ने पूर्व में ईदगाह चौक पुलिस लाइन में 100 से ज्यादा और तिफरा पुलिस लाइन में ढाई सौ से ज्यादा क्वार्टर बनाए हैं। इसके बावजूद केंद्रीय जेल के सामने स्थित पुलिस लाइन में करीब 50 और तिफरा में करीब 60 परिवार पुराने व जर्जर मकानों में रह रहे हैं। मेन पोस्ट ऑफिस के सामने भी पुलिस विभाग के करीब 24 पुराने क्वार्टर हैं, जहां पुलिस परिवार वर्षों से जुगाड़ के सहारे रह रहे हैं।
जर्जर मकान तोड़कर बनेंगे नए क्वार्टर
पुलिस विभाग ने जर्जर मकानों की समस्या को देखते हुए 108 नए पुलिस क्वार्टर बनाने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा था, जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। योजना के तहत केंद्रीय जेल के सामने स्थित पुलिस लाइन में चार ब्लॉक में तीन मंजिला अपार्टमेंट बनाए जाने हैं। तिफरा में पुराने पुलिस क्वार्टर वाली जगह पर भी नए मकान बनाए जाएंगे। कुछ मकानों की मरम्मत भी कराई जाएगी। नए निर्माण के लिए पुराने मकानों को खाली कराना जरूरी है। यही वजह
विभाग ने वहां रहने वाले पुलिस परिवारों के साथ बैठक कर उन्हें मकान खाली करने के लिए कहा है। परिवारों से अपने लिए प्राइवेट या किराए का मकान तलाशने को कहा गया है। विभाग की ओर से निर्धारित राशि तक किराया वहन करने की व्यवस्था की जाएगी।
वर्जन
जर्जर पुलिस आवासों की समस्या को देखते हुए करीब 108 नए क्वार्टर की स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्रीय जेल के सामने चार ब्लॉक में तीन मंजिला अपार्टमेंट बनाने की योजना है। तिफरा में भी पुराने क्वार्टरों को हटाकर नए आवास बनाए जाएंगे और जहां संभव होगा, पुराने मकानों की मरम्मत कराई जाएगी। नए मकान तैयार होने पर प्राथमिकता के आधार पर पात्र पुलिसकर्मियों को आवास आवंटित किए जाएंगे।
भूपेंद्र गुप्ता,
रक्षित निरीक्षक