5 किलो 500 ग्राम सोने के आभूषणों से सजीं मां महामाया, महानवमी पर दिखा दिव्य राजसी स्वरूप

नवरात्रि के नौ दिनों में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 56 भोग अर्पित कर कन्या भोज और ब्राह्मण भोज के साथ संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान
रतनपुर से वासित अली की रिपोर्ट
रतनपुर। धर्मनगरी रतनपुर स्थित छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में महानवमी के पावन अवसर पर माता रानी का भव्य एवं अलौकिक स्वर्ण श्रृंगार किया गया। करीब 5 किलो 500 ग्राम सोने के आभूषणों से सजीं मां महामाया के दिव्य राजसी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्वर्ण मुकुट, कंठहार, मुक्ताहार, कुंडल और रानीहार सहित विभिन्न स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित माता रानी की मनमोहक छवि भक्तों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
स्वर्ण आभूषणों से सजा मां महामाया का दिव्य दरबार
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर के अनुसार, महानवमी के अवसर पर मां महामाया का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया गया। इस दौरान माता रानी को 56 प्रकार के नैवेद्य अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर परिसर में सामूहिक पुष्पांजलि, हवन और पूर्णाहुति सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मां महामाया के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
नौ दिनों में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक मां महामाया के दरबार में श्रद्धालुओं का लगातार तांता लगा रहा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस दौरान करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति से सराबोर रहा।
कन्या भोज और ब्राह्मण भोज के साथ नवरात्रि का समापन
नवरात्रि के समापन अवसर पर धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कन्या भोज और ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन, पूजा-अर्चना और सेवा कार्यों में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। रतनपुर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी कन्या पूजन, भोज और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। हवन एवं पूर्णाहुति के साथ नवरात्रि पर्व का विधिवत समापन हुआ।
आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक महत्ता का प्रतीक है रतनपुर
महानवमी पर मां महामाया का भव्य स्वर्ण श्रृंगार और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति एक बार फिर धर्मनगरी रतनपुर की धार्मिक आस्था, समृद्ध परंपरा और आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाती नजर आई। नौ दिनों तक चले नवरात्रि महापर्व के दौरान मां महामाया के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच भक्तों ने माता रानी से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना की।