
सेवन के योग्य नहीं था लड्डू और सूजी, मौके पर ही नष्ट करवा दी,लिया सैंपल मैदा, बेसन, खोवा और पनीर क

कोंडागांव- संदेहास्पद थी गुणवत्ता, इसलिए बेसन, मैदा, खोवा, पनीर और अंजीर कतली के 6 सैंपल लिए। सेवन के योग्य नहीं था सौंफ, सूजी, कोकोनट चूरा और मोतीचूर का लड्डू। मौके पर ही नष्टीकरण की सख्त कार्रवाई की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सख्त तेवरों को देखकर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र का बाजार बेचैन हो चला है। संदेश स्पष्ट है कि स्वच्छ माहौल में ही खाद्य सामग्री बनाना और विक्रय करना है। गुणवत्ता उच्च होनी चाहिए अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नष्टीकरण ने बढ़ाई बेचैनी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच टीम ने अपनी जांच में सूजी, सौंफ, कोकोनट चूरा अर्थात खोपरा और मोतीचूर का लड्डू मानव सेवन के योग्य नहीं पाया। लिहाजा इन सामग्री, जिनका कुल वजन 15 किलो था, को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। बेहद सख्त तेवरों के बीच हुई इस कार्रवाई से किराना एवं मिठाई बाजार में बेचैनी देखी जा रही है।
लिया सैंपल
संदेहापद थी गुणवत्ता मैदा, बेसन, पनीर, खोवा और अंजीर कतली की। इसलिए इनके सैंपल लिए गए हैं। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों की भी औचक जांच की योजना इसलिए बनाई गई है क्योंकि ग्रामीण बाजारों से भी गुणवत्ताहीन सामग्री के विक्रय की शिकायतें आ रहीं हैं।
दिया यह निर्देश
अस्वच्छ वातावरण में चल रही व्यापारिक गतिविधियों को देखकर प्रशासन ने कारोबारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि निर्माण, परिवहन, भंडारण और विक्रय के दौरान जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच आगे भी जारी रखने की जानकारी प्रशासन ने दी है।
वर्जन
जिन खाद्य सामग्रियों को मौके पर नष्ट करवाया गया है वह मानव सेवन के योग्य नहीं था। लिए गए आधा दर्जन खाद्य सामग्रियों का सैंपल राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। परीक्षण रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-रोशन वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कोंडागांव






