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शक्कर 70-71 से गिरकर 63-64 रुपए किलो,प्याज 10 दिन में 24 से बढ़कर 43-44 रुपए

बिलासपुर।व्यापार विहार थोक मंडी में खाद्य पदार्थों के भाव में इन दिनों बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ढाई महीने तक लगातार तेजी के बाद शक्कर के दाम अचानक गिर गए हैं, जबकि प्याज के भाव में महज 10 दिनों में करीब 20 रुपए किलो की तेजी आई है। दूसरी ओर, आलू की बंपर पैदावार के चलते इसके भाव काफी नीचे आ गए हैं और किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल बताया जा रहा है।

दरअसल थोक बाजार में शक्कर के भाव पिछले करीब ढाई महीने से लगातार बढ़ रहे थे। जून में शक्कर करीब 42 रुपए किलो के भाव पर थी, जो धीरे-धीरे बढ़कर 70-71 रुपए किलो तक पहुंच गई। खुदरा बाजार में भी इसकी कीमत 72-73 रुपए किलो तक पहुंच गई थी।
अब बाजार का रुख अचानक बदल गया है। पिछले दो दिनों में शक्कर के थोक भाव में करीब 8-9 रुपए किलो की गिरावट आई है और यह घटकर 63-64 रुपए किलो रह गई है। कारोबारियों के मुताबिक इतनी तेज और अचानक उठापटक लंबे समय बाद देखने को मिली है। त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण शक्कर की मांग बनी हुई है, जिससे बाजार पर कारोबारियों की नजर बनी हुई है।
व्यापारियों के अनुसार बड़े कारोबारियों के यहां सामान्य तौर पर महीने में तीन से चार गाड़ियों की खपत होती है। एक गाड़ी में करीब 30 से 35 टन शक्कर आती है। बिलासपुर में रोजाना करीब 100 टन शक्कर, यानी लगभग चार से पांच ट्रक की खपत होने का अनुमान है।

बीमारी से प्याज का 40-50% स्टॉक खराब

प्याज के भाव में इसके ठीक उलट तेजी देखने को मिल रही है। करीब 10 दिन पहले थोक बाजार में प्याज 24-25 रुपए किलो बिक रहा था। इसके बाद भाव 30, 31 और 35 रुपए तक पहुंचा और अब बढ़कर 43-44 रुपए किलो हो गया है। परिवहन समेत बिलासपुर पहुंचने तक इसकी लागत करीब 47 रुपए किलो पड़ रही है।

थोक कारोबारियों के मुताबिक उत्पादक राज्यों में किसानों द्वारा भंडारित प्याज की फसल में बीमारी लगने से करीब 40 से 50 प्रतिशत स्टॉक खराब हुआ है। सामान्य परिस्थितियों में लगभग 90 प्रतिशत स्टॉक बिक्री योग्य रहता था, लेकिन इस बार खराबे के कारण बाजार में उपलब्ध प्याज की मात्रा घट गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।

महंगा प्याज तो घट गई खपत

प्याज की कीमतों में तेजी का असर इसकी खपत पर भी दिखाई देने लगा है। बिलासपुर में सामान्य दिनों में रोजाना करीब 240 टन प्याज की खपत होती है, जो सात से आठ गाड़ियों के जरिए मंडी में पहुंचता है। लेकिन कीमत बढ़ने के बाद खुदरा दुकानदारों और ग्राहकों ने खरीदारी कम कर दी है। कारोबारियों के अनुसार जो दुकानदार पहले 10 कट्टे प्याज खरीदते थे, वे अब करीब पांच कट्टों में काम चला रहे हैं।बिलासपुर मंडी में प्याज के लिए पर्याप्त भंडारण सुविधा नहीं होने के कारण कारोबारियों को माल उसी दिन निकालना पड़ता है। ऐसे में भाव में तेजी आने पर कारोबारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है।

बंपर पैदावार से आलू के भाव नीचे

वहीं आलू के बाजार में स्थिति पूरी तरह अलग है। बंपर पैदावार के चलते आलू के भाव काफी नीचे आ गए हैं और फिलहाल थोक में 13-15 रुपए किलो बिक रहा है। कम कीमत के कारण किसानों को उत्पादन लागत निकालने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस तरह व्यापार विहार मंडी में फिलहाल एक ओर शक्कर के भाव में अचानक बड़ी गिरावट आई है, दूसरी ओर प्याज तेजी से महंगा हुआ है, जबकि बंपर उत्पादन के कारण आलू के भाव किसानों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं।

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