अंधेरे में तार काटे, 24 घंटे में पुलिस ने उजागर कर दी पूरी कहानी!” चार गिरफ्तार, चार बंडल तार और ओमनी कार जब्त

बिलासपुर… सड़क पर अंधेरा था, बिजली की सप्लाई भी नहीं थी और शायद चोरों को यही लगा कि उनका रास्ता साफ है। रात के सन्नाटे में आरोपियों ने करीब एक किलोमीटर लंबा बिजली का तार काटा और उसे लेकर फरार हो गए। लेकिन चोरी के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने पूरी गुत्थी सुलझा ली। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और पुराने चोरी के मामलों में जेल जा चुके आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चार संदिग्धों तक पहुंची पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चार बंडल बिजली तार और वारदात में इस्तेमाल ओमनी कार बरामद की गई है।
चोरी गए तार की कीमत करीब 45 हजार रुपये बताई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद सिरगिट्टी पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने चोरी के पुराने मामलों में जेल जा चुके आरोपियों से भी पूछताछ की। इसी पूछताछ और तकनीकी सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस चार संदिग्धों तक पहुंची।
पुलिस ने नीतेश पंडित, उम्र 22 वर्ष, निवासी अमोरा; राजेश राय उर्फ रात्रे, उम्र 32 वर्ष, निवासी मुरलीडीह; विकास सांड, उम्र 22 वर्ष, निवासी मुरलीडीह और श्रीजीत जोशी, उम्र 30 वर्ष, निवासी विद्युत नगर तिफरा को पकड़कर पूछताछ की।
पूछताछ में चोरी कबूलने का दावा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बिजली तार चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर चार बंडल बिजली तार बरामद किए गए। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल ओमनी कार क्रमांक सीजी-10-एफए-2456 भी जब्त की गई।
चारों पर पहले से भी दर्ज हैं मामले
जांच में पुलिस को आरोपियों के खिलाफ दूसरे थानों में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक अकलतरा, मस्तूरी, मुलमुला और जांजगीर-चांपा थाना क्षेत्रों में आरोपियों के खिलाफ चोरी समेत अन्य मामले दर्ज हैं।
यानी यह केवल एक रात की चोरी का मामला नहीं है। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड ने पुलिस की जांच को एक और दिशा दी और इसी आधार पर उनसे पूछताछ कर मौजूदा मामले की कड़ियां जोड़ी गईं।
चोरी से पुलिस तक पहुंचने तक 24 घंटे
एक किलोमीटर बिजली तार की चोरी के बाद पुलिस ने जिस तेजी से जांच आगे बढ़ाई, उसमें तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की अहम भूमिका रही। पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों को खंगालने के साथ पुराने चोरी के मामलों से जुड़े लोगों से पूछताछ की और सुरागों को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चोरी के तार को कहां खपाने की तैयारी थी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।