अतिथि व्याख्याता नीति 2026 का छत्तीसगढ़ मूल निवास संगठन ने किया स्वागत
बिलासपुर।छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई अतिथि व्याख्याता नीति 2026 का प्रदेशभर के अतिथि व्याख्याताओं ने स्वागत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। अतिथि व्याख्याताओं ने कहा कि यह नीति वर्षों से चली आ रही अनेक व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
नई नीति के अंतर्गत पूर्व में लागू कालखंड व्यवस्था को समाप्त कर ₹2000 प्रति दिवस मानदेय निर्धारित किया गया है, साथ ही 11 माह की सेवा एवं 11 वैतनिक अवकाश का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय से उन महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को विशेष लाभ मिलेगा, जहाँ अब तक उन्हें प्रतिमाह लगभग ₹20,000 से ₹25,000 तक मानदेय प्राप्त होता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उनका मासिक मानदेय लगभग ₹40,000 से ₹42,000 तक पहुँच सकेगा।
अतिथि व्याख्याताओं ने बताया कि पूर्व में अनेक महाविद्यालयों में दिसंबर एवं जनवरी के सेमेस्टर परीक्षा काल के दौरान उनकी सेवाएँ समाप्त कर दी जाती थीं, जिससे आर्थिक असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। नई नीति से इस समस्या का समाधान होगा तथा सेवा की निरंतरता बनी रहेगी एवं अतिथि व्याख्याता इस नए संशोधन से उनकी श्रेणी दैनिक वेतन भोगी भी हो गई है।
अतिथि व्याख्याताओं ने यह भी बताया कि माननीय उच्च शिक्षामंत्री श्री टंक राम वर्मा जी द्वारा यह आश्वासन दिया गया है कि भविष्य में यदि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो विभाग से संपर्क करने पर उसका शीघ्र समाधान किया जाएगा। इस सकारात्मक आश्वासन से प्रदेशभर के अतिथि व्याख्याताओं में विश्वास और उत्साह का संचार हुआ है।
अतिथि व्याख्याताओं का कहना है कि नई नीति से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, कार्य की स्थिरता और सम्मान प्राप्त होगा। इससे वे और अधिक समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों तथा प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा।
प्रदेश के समस्त अतिथि व्याख्याताओं ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त एवं निज सहायक उच्च शिक्षा मंत्री डॉ संजय तिवारी सर एवं कमिटी के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी अतिथि व्याख्याताओं और उच्च शिक्षा के हित में ऐसे सकारात्मक निर्णय लिए जाते रहेंगे।इसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ लव कुमार वर्मा, प्रदेश सचिव डॉ कमलेश देशमुख बिलासपुर सम्भाग अध्यक्ष श्री आलोक चतुर्वेदी एवं समस्त अतिथि व्याख्याता ने निर्णय का स्वागत किया है।