सर्प दंश मामले में राजस्व विभाग के लिपिकों की गिरफ्तारी के विरोध में संघ ने किया प्रदर्शन,कलेक्टर और एसपी को लिपिक संघ ने सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर। सर्प दंश मामले के प्रकरण में एसडीएम कार्यालय और तहसील कार्यालय में पदस्थ तीन लिपिकों को नरेन्द्र कौशिक,हरिशंकर राठौर,और गरीब बिंझवार को पुलिस ने गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया है। इसके विरोध में सोमवार को छग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी के नेतृत्व में राजस्व विभाग के लिपिकों के साथ जमकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर एसपी को ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया की सर्प दंश की प्रक्रिया में सबसे पहले पुलिस द्वारा पंच नामा किया जाता है संबंधित डॉक्टर द्वारा पोस्ट मार्डेम्म रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पटवारी द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है तहसीलदार, एसडीएम मौके पर पहुंच कर मुआयना करने के बाद प्रकरण लिपिक के पास प्रस्तुत करने आता है और प्रकरण पर निराकरण करने का जांच का ओर निर्णय लेने का अधिकार तसीलदार ओर उच्च अधिकारियों का होता है

परन्तु पुलिस ने जांच में लिपिकों की गिरफ्तारी की अन्य जो जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी है उनसे अभी तक पूछताछ ही नहीं की गई । अतः जांच एक पक्षीय है संघ ने आज जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और मांग की है कि उक्त प्रकरण की सूक्ष्म जांच की जाय और निर्दोष लिपिकों को रिहा किया जाय। ज्ञापन प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी , जिला अध्यक्ष सूर्य प्रकाश कश्यप, वर्षा रानी चरण प्रांतीय सचिव महिला प्रकोष्ठ, रजनी मेहर जिलाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, प्रदीप तिवारी जिला सचिव, ओपी तिवारी, रिंकेश ध्रुव, विगेश कुमार, मेघा छावड़ा , विनय विश्वकर्मा, गोल्डी देवांगन चंचल मिश्रा, जेबा खान , मंजू एक्का, मंजू खरे लव कुमार साहू,रामनारायणु श्रीवास, उमेश चक्रधारी, जूही सोम सहित बड़ी संख्या में लिपिक उपस्थिति रहे।