अरपा पार को अलग नगर निगम बनाने की मांग, 1 सितंबर से आमरण अनशन…अमित तिवारी बोले,जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब चलेगा आंदोलन

बिलासपुर। शहर के अरपा पार क्षेत्र सरकंडा को अलग नगर निगम बनाने की मांग तेज हो गई है। नागरिक सुरक्षा मंच ने मांग पूरी कराने के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। मंच के संयोजक अमित तिवारी 1 सितंबर से आमरण अनशन शुरू करेंगे। अमित तिवारी ने कहा कि वर्तमान में अरपा पार क्षेत्र नगर निगम के 22 वार्डों में फैला हुआ है। आबादी और क्षेत्रफल के लगातार विस्तार के साथ यहां शहरी सुविधाओं और विकास कार्यों की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में अरपा पार क्षेत्र के लिए अलग नगर निगम का गठन समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अलग नगर निगम बनने से क्षेत्र में विकास कार्यों की बेहतर योजना बन सकेगी और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासनिक सुविधा होगी।उन्होंने कहा
की यह मांग लगभग 30 साल से जारी है लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई।
जबकि निगम के बनने से विकास होगा और क्षेत्र भी बढ़ेगा रोजगार के अवसर मिलेंगे।
केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखकर अरपा पार क्षेत्र को अलग नगर निगम बनाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई और निराकरण करने को कहा गया है। इसके बावजूद अब तक मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने से नागरिक सुरक्षा मंच ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
अमित तिवारी ने कहा कि अरपा पार क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से अलग नगर निगम की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र की बढ़ती आबादी, विस्तार और विकास की आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार को इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 सितंबर से शुरू होने वाला आमरण अनशन मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। मंच ने क्षेत्र के नागरिकों से आंदोलन में सहयोग और भागीदारी की अपील की है।
अमित बोले,कुछ गाँव को मिलाकर बनाकर सकते है नगर निगम
अमित तिवारी का सीधे और साफ कहना है कि अरपापार निगम बनाने के लिए रतनपुर रोड में पड़ने वाले सेंदरी,कछार, गतौरी और सीपत क्षेत्र मे पड़ने वाले लगरा,जांजी, मटियारी,उर्तुम और फरहदा को शामिल किया जाएगा तो नगर निगम बन जाएगा।इसे रायपुर के बीरगांव की तर्ज पर बनाकर बड़ा बना देना चाहिए ताकि विकास हो और जिले को भरपूर फायदा मिले।यही कारण है कि लगातार इसकी मांग की जा रही है जबकि अगर बिलासपुर नगर निगम छोटा लगता है तो हरदी,बसीया नगपुरा और उधर के कुछ क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल किया जा सकता है
।जिससे वार्ड बढ़ेगा और विकास भी होगा।