आंखों में श्रद्धा, मन में पीड़ा और हाथों में नारियल लेकर अयोध्या पहुंचे रामभक्त—रामलला के चरणों में हुआ भावपूर्ण समर्पण

बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा की श्रद्धा पहुंची अयोध्या, विजय केशरवानी ने परिवार सहित रामलला को अर्पित किए श्रद्धा के नारियल
बिलासपुर/अयोध्या। जिस रामलला के दर्शन के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं ने पीढ़ियों तक प्रतीक्षा की, जिस पावन धाम से देशभर के रामभक्तों की आस्था और भावनाएं जुड़ी हैं, वहां हुई चोरी की घटना ने श्रद्धालुओं के मन को गहराई से आहत किया। “लेकिन सच्ची आस्था चोट लगने से टूटती नहीं—बल्कि और मजबूत होकर संकल्प का रूप लेती है।”
इसी भाव के साथ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के रामभक्तों ने अपनी पीड़ा को श्रद्धा में बदला। बेलतरा विधायक प्रत्याशी रहे पूर्ब ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी की अगुवाई में निकली तीन दिवसीय “श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा प्रेम, आस्था और भावनाओं के साथ अर्पित किए गए नारियल अयोध्या पहुंचाए गए।
बेलतरा विधानसभा के
विधायक प्रत्याशी रहे पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने अपने परिवार सहित अयोध्या पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए और बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित इन नारियलों को रामलला के श्रीचरणों में विधिवत समर्पित किया।
यह क्षण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा के असंख्य रामभक्तों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व था, जिन्होंने अपने “भांचा श्रीराम” के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण के साथ नारियल अर्पित किए थे।
“ये नारियल नहीं, बिलासपुर और बेलतरा के ननिहाल की भावनाएं हैं”
विजय केशरवानी ने रामलला के दर्शन और नारियल समर्पण के बाद कहा—
“आज मेरे हाथों में केवल नारियल नहीं थे, बल्कि बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा के उन रामभक्तों की भावनाएं थीं, जिन्होंने अपनी श्रद्धा और मन की पीड़ा के साथ इन्हें अर्पित किया था। जब इन नारियलों को रामलला के श्रीचरणों में रखा, तो लगा जैसे बिलासपुर और बेलतरा का पूरा ननिहाल अपने भांचा श्रीराम के दरबार में उपस्थित होकर प्रणाम कर रहा हो।”
उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए केवल एक भवन या धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उनकी आस्था, तपस्या, संघर्ष, प्रतीक्षा और भावनाओं का पवित्र केंद्र है। मंदिर से जुड़ी घटना ने रामभक्तों को स्वाभाविक रूप से आहत किया, लेकिन बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा के श्रद्धालुओं ने अपनी पीड़ा को विवाद या कटुता में बदलने के बजाय श्रद्धा और संकल्प का रूप दिया।
“हमारी भावना किसी के विरोध की नहीं थी। हमारी भावना केवल इतनी थी कि जिस आस्था को ठेस पहुंची है, उसे श्रद्धा से संबल मिले। बेलतरा और बिलासपुर के ननिहाल ने अपने भांचा श्रीराम के चरणों में श्रद्धा का नारियल रखकर यही संदेश दिया है कि हमारी आस्था अटूट है।”
भांचा श्रीराम और छत्तीसगढ़ के ननिहाल का भावनात्मक रिश्ता
विजय केशरवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में भगवान श्रीराम को भांचा मानने की भावना अत्यंत आत्मीय और गहरी है। इसी कारण अयोध्या से जुड़ी घटना ने छत्तीसगढ़ सहित बिलासपुर और बेलतरा विधानसभा के लोगों को केवल एक धार्मिक घटना के रूप में नहीं, बल्कि अपने भांचा श्रीराम से जुड़ी भावनाओं को लगी चोट के रूप में प्रभावित किया।
“भांचा और ननिहाल का रिश्ता शब्दों से नहीं, भावनाओं से समझा जाता है। छत्तीसगढ़ के लिए श्रीराम केवल आराध्य नहीं, हमारे भांचा हैं। बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा की जनता ने इसी आत्मीय रिश्ते के साथ अपनी श्रद्धा अयोध्या तक पहुंचाई और रामलला के चरणों में समर्पित की है।”
@ “”” काशी से बैद्यनाथ धाम तक, परिवार सहित किए पवित्र धामों के दर्शन —-“”
अयोध्या पहुंचने से पूर्व विजय केशरवानी ने अपने परिवार के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन हनुमान मंदिर, दुर्गा कुंड स्थित मां दुर्गा मंदिर, सारनाथ स्थित बाबा सारंगनाथ महादेव तथा बनारस के कैथी स्थित बाबा मार्कंडेय महादेव सहित विंध्याचल स्थित माँ विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की।”””
इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़, बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा और समस्त जनमानस की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
बेलतरा से अयोध्या तक—श्रद्धा का संकल्प हुआ पूर्ण
तीन दिवसीय “श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” के दौरान बेलतरा विधानसभा सहित बिलासपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में श्रद्धालुओं से श्रद्धा के नारियल एकत्र किए गए थे। यात्रा का उद्देश्य मंदिर से जुड़ी घटना से आहत श्रद्धालुओं की भावनाओं को विरोध नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण के माध्यम से रामलला तक पहुंचाना था।
विजय केशरवानी ने कहा—
“तीन दिन तक हम बेलतरा विधानसभा और बिलासपुर क्षेत्र के लोगों के बीच गए। श्रद्धालुओं ने जिस भाव से नारियल अर्पित किए, उसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। किसी ने इसे अपनी मनोकामना के साथ दिया, किसी ने आशीर्वाद के रूप में और किसी ने अपने आहत मन की श्रद्धा के रूप में। आज उन सभी भावनाओं को रामलला के चरणों में समर्पित कर हमारा संकल्प पूर्ण हुआ है।”
उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने संदेश दिया है कि आस्था को चोट पहुंच सकती है, लेकिन सच्ची श्रद्धा कभी समाप्त नहीं होती। श्रद्धा जब सच्ची होती है तो वह संकल्प बनती है और संकल्प अपनी मंजिल तक पहुंचकर ही पूर्ण होता है।
“अयोध्या में आज नारियल नहीं, बेलतरा और बिलासपुर का स्नेह पहुंचा है”
अंत में विजय केशरवानी ने “श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” में सहभागी सभी रामभक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“अयोध्या में आज केवल नारियल नहीं पहुंचे हैं। बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा का स्नेह पहुंचा है, रामभक्तों की प्रार्थना पहुंची है और अपने भांचा श्रीराम के प्रति अटूट विश्वास पहुंचा है। जिन हाथों ने श्रद्धा से नारियल अर्पित किए थे, उन सभी हाथों की भावनाएं आज रामलला के चरणों तक पहुंची हैं। यही हमारी श्रद्धा है, यही हमारा समर्पण है और यही बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा का अपने भांचा श्रीराम के प्रति प्रेम है।”
— विजय केशरवानी
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी, बेलतरा विधानसभा