कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के विद्यार्थियों ने रावे कार्यक्रम के अंतर्गत किया ग्राम निरतु का शैक्षणिक भ्रमण

ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था एवं शासकीय योजनाओं का किया अध्ययन
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के बी.एससी. (कृषि) अंतिम वर्ष के 20 विद्यार्थियों ने रूरल एग्रीकल्चरल वर्क एक्सपीरियंस (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत विलेज अटैचमेंट गतिविधि के तहत ग्राम निरतु का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण परिवेश, कृषि प्रणाली तथा किसानों के जीवन एवं चुनौतियों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है, ताकि वे कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभवों से जोड़ सकें।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों एवं किसानों से संवाद स्थापित कर गांव की सामाजिक, आर्थिक तथा कृषि संबंधी गतिविधियों का विस्तृत अध्ययन किया। उन्होंने किसानों से खेती की वर्तमान स्थिति, फसल चक्र, सिंचाई व्यवस्था, उन्नत बीजों के उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण तथा बाजार व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्राप्त की। साथ ही किसानों द्वारा सामना की जा रही प्रमुख समस्याओं एवं उनके संभावित समाधान पर भी चर्चा की गई।

विद्यार्थियों ने ग्राम के आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, पंचायत परिसर तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों का अवलोकन कर वहां संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, महिला स्व-सहायता समूहों तथा अन्य कृषि एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में भी संवाद किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण परिवारों की आजीविका, पशुपालन, उद्यानिकी, पोषण, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों का भी अध्ययन किया। विद्यार्थियों ने यह समझने का प्रयास किया कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में किसान किस प्रकार अपनी कृषि पद्धतियों में परिवर्तन कर रहे हैं तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए कौन-कौन से नवाचार अपना रहे हैं।
रावे कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने, वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के प्रसार में अपनी भूमिका को पहचानने तथा कृषि विस्तार सेवाओं की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल तथा समस्या-समाधान की व्यावहारिक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह कार्यक्रम डॉ. एन.के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा रावे समन्वयक डॉ. हेम प्रकाश वर्मा एवं डॉ. खेमेंद्र चक्रधारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के साथ संवेदनशील एवं प्रभावी संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने तथा कृषि अनुसंधान एवं विस्तार के बीच सेतु के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि रावे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस प्रकार के ग्राम भ्रमण विद्यार्थियों को भविष्य में एक कुशल कृषि वैज्ञानिक, कृषि प्रसार विशेषज्ञ एवं ग्रामीण विकास के प्रभावी सहभागी के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।