कृषि विज्ञान केंद्र में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन..जिले के 99,906 किसानों के खातों में पहुंचे लगभग 20 करोड़ रुपये

जिले के 99,906 किसानों के खातों में पहुंचे लगभग 20 करोड़ रुपये
बिलासपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर और कृषि विभाग के सामूहिक तत्वाधान में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली से वर्चुअली जुड़कर देश के करोड़ों किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त सीधे हस्तांतरित की।

देशव्यापी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री द्वारा ₹20,000 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि देश के पात्र किसान परिवारों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से ऑनलाइन जारी की गई। इस योजना के तहत बिलासपुर जिले के किसानों में भारी उत्साह देखा गया। जिले के कुल 99,906 पंजीकृत और पात्र किसानों के बैंक खातों में लगभग 19.98 करोड़ रुपये लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि इस राशि से किसानों को सीधे तौर पर बहुत बड़ा फायदा होगा। यह सम्मान राशि खेती-किसानी के समय पर आने वाले खर्चों को पूरा कर किसानों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।

किसानों की उमड़ी भारी भीड़
इस भव्य आयोजन में बिलासपुर जिले के विभिन्न विकासखंडों और गांवों से बड़ी संख्या में प्रगतिशील और स्थानीय किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल किसानों की गरिमामयी उपस्थिति से खचाखच भरा रहा। किसानों ने प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन को बेहद ध्यानपूर्वक सुना और केंद्र सरकार की इस कल्याणकारी योजना के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को इस राशि के सही और उत्पादक उपयोग के बारे में जागरूक किया।

बिलासपुर जिले को मिली बड़ी सौगात और किसानों को बड़ा लाभ
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसान इस सम्मान राशि का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए कर सकते हैं.खरीफ व रबी सीजन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज, जैव-उर्वरक और खाद खरीदने में।
आधुनिक कृषि इनपुट: जैविक कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व और खेती के छोटे-छोटे औजारों की व्यवस्था करने में।सिंचाई और जुताई के आकस्मिक खर्च,खेतों की तैयारी, ट्रैक्टर की बुकिंग या सिंचाई के लिए ईंधन की व्यवस्था करने जैसे तात्कालिक खर्चों को पूरा करने में।
इस राशि का मुख्य उद्देश्य किसानों को साहूकारों या कर्ज के जाल से बचाना है, ताकि वे समय पर बिना किसी आर्थिक मानसिक दबाव के अपनी खेती का काम शुरू कर सकें।

अतिथियों ने योजना की जमकर सराहना की
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी उपस्थित रहे। उनके साथ सभापति ज्ञानेंद्र कश्यप ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए इस महत्वाकांक्षी योजना की सराहना की।
किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों की सहभागिता
कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों और कृषि जगत के शीर्ष विशेषज्ञों ने भी अपनी बात रखी,जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे, भारतीय किसान संघ अध्यक्ष लक्ष्मी साहू,सचिव राजेंद्र मिश्रा,वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. जी. शर्मा,अधिष्ठाता डॉ. आर. केएस. तोमर,उपसंचालक
पीडी. हथेस्वर,सहायक संचालक कृषि
शशांक शिंदे,क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र
प्रमुख डॉ. संजय वर्मा
और डॉक्टर शिल्पा कौशिक समेत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मौजूद रहे।