कैमरे में दिख रहा ई-रिक्शा,पर नंबर नहीं, कट नहीं पा रहा ई-चालान,ई-रिक्शा की नंबर प्लेट आईटीएमएस कैमरों के लिए बनी चुनौती,कैमरों को नंबर पढ़ने में आ रही दिक्कत

बिलासपुर।शहर में यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों पर आईटीएमएस कैमरों से लगातार ई-चालान की कार्रवाई हो रही है, लेकिन ई-रिक्शा और कुछ ई-ऑटो की नंबर प्लेट कैमरों के लिए तकनीकी चुनौती बन गई है। कई मामलों में कैमरे नंबर प्लेट को स्पष्ट रूप से पढ़ नहीं पा रहे हैं। इसके कारण नियम तोड़ने के बावजूद संबंधित वाहन का ई-चालान जनरेट नहीं हो पा रहा है। यातायात पुलिस ने इस समस्या को लेकर परिवहन विभाग से चर्चा की है।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे आईटीएमएस कैमरे नंबर प्लेट की पहचान कर वाहन द्वारा किए गए ट्रैफिक उल्लंघन को रिकॉर्ड करते हैं। सामान्य वाहनों की नंबर प्लेट कैमरों है। के लिए आसानी से रीड हो जाती है। इसके बाद वाहन नंबर के आधार पर ई-चालान की प्रक्रिया आगे बढती लेकिन ई-रिक्शा और कुछ ई-ऑटो में लगी नंबर प्लेट को कैमरे हर बार रीड नहीं कर पा रहे हैं।
नंबर प्लेट का आकार भी तकनीकी चुनौती
सिर्फ रंग ही नहीं, बल्कि कुछ वाहनों में नंबर प्लेट के आकार को लेकर भी समस्या सामने आ रही है। कैमरे नंबर प्लेट को एक निश्चित दूरी और एंगल से स्कैन करते हैं। प्लेट छोटी होने या नंबर स्पष्ट तरीके से दिखाई नहीं देने पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के लिए उसे पढ़ना मुश्किल हो सकता है। इसका असर ई-चालान की प्रक्रिया पर पड़ता है।
रंग व लिखावट से नंबर पढ़ने में परेशानी
शहर में चल रहे कुछ ई-रिक्शा और ई-ऑटो की प्लेट में हरे बैकग्राउंड पर नंबर हल्के पीले, हरे और सफेद रंग के कॉम्बिनेशन में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे नंबर दूर से स्पष्ट नहीं दिखते। यातायात पुलिस के अनुसार यही वजह है कि कैमरे कई बार नंबर प्लेट को रीड नहीं कर पाते।
मानक तय करने का मामला केंद्र से जुड़ा
इस तकनीकी समस्या को लेकर यातायात पुलिस ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की है। स्थानीय स्तर पर नंबर प्लेट के मानक बदलने का अधिकार सीमित होने के कारण इस मामले में शासन स्तर पर जानकारी भेजने की तैयारी है। परिवहन विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो नंबर प्लेट के रंग, आकार और अन्य मानक केंद्रीय स्तर पर निर्धारित होते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सीधे बदलाव करना संभव नहीं है। अब तकनीकी समस्या और उसके कारणों की जानकारी शासन के माध्यम से आगे भेजे जाने की बात कही जा रही है, ताकि जरूरत के अनुसार मानकों
में सुधार या कैमरों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सके।
नियमों को तोड़ना और रॉन्ग साइड चलते है ई रिक्शा
आमतौर पर देखा जाए तो ई रिक्शा वाले नियमों को तोड़कर रॉन्ग साइड और आधे तिरछे तरीके से अपनी ई रिक्शा को चलाते है।
जिसके कारण एक बार नहीं ज्यादातर हादसे होते है।
इसमें ई रिक्शा इसी बात का पूरी तरह से फायदा उठाकर ट्रैफिक सिग्नल कों तोडकर नियमों की धज्जियां उड़ा देते है।
जिसके कारण आमजनता के साथ ही ट्रैफिक के जवान भी काफी परेशान है।
वर्जन
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की निगरानी और ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है। ई-रिक्शा और कुछ ई-ऑटो की नंबर प्लेट को कैमरों द्वारा रीड करने में तकनीकी दिक्कत सामने आई है। इस संबंध में परिवहन विभाग से चर्चा की गई है।
रामगोपाल करियारे, एएसपी, ट्रैफिक पुलिस
वर्जन
ई-रिक्शा समेत बैटरी से संचालित वाहनों की नंबर प्लेट के निर्धारित मानक केंद्रीय स्तर पर तय होते हैं। स्थानीय स्तर पर इनमें बदलाव करना संभव नहीं है। आईटीएमएस कैमरों में नंबर प्लेट रीड करने में आ रही तकनीकी समस्या की जानकारी पुलिस से मिली है। इस संबंध में शासन स्तर पर जानकारी भेजी जाएगी।
असीम माथुर
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बिलासपुर