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चक्रधर समारोह में आंचल पाण्डेय की मनमोहक ओडिसी प्रस्तुति ने मोहा दर्शकों का मन

रायगढ़। बिलासपुर। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन रायगढ़ एवं चक्रधर समारोह आयोजन समिति द्वारा आयोजित 41वें चक्रधर समारोह में अंतरराष्ट्रीय ओडिसी एवं कथक नृत्य साधिका सुश्री आंचल पाण्डेय ने अपनी भावपूर्ण ओडिसी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आंचल पाण्डेय ने ‘मानव उद्धारण’ विषय पर आधारित प्रस्तुति में *गज्ज उद्धार एवं द्रौपदी चीरहरण जैसे पौराणिक प्रसंगों को ओडिसी नृत्य के भाव, अभिनय और शास्त्रीय सौंदर्य के माध्यम से जीवंत किया। प्रस्तुति में भक्त और भगवान के बीच के अटूट विश्वास, भक्ति और समर्पण को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। ओडिसी की मनमोहक मुद्राओं और भावाभिव्यक्ति ने प्रस्तुति को विशेष बना दिया।

ओडिसी नृत्य की शास्त्रीय मर्यादा, भावों की गहराई और भक्ति के आध्यात्मिक स्पर्श ने प्रस्तुति को विशेष बना दिया। प्रस्तुति के दौरान दर्शक दीर्घा में गहरी एकाग्रता और अंत में जोरदार तालियों के साथ कलाकार का उत्साहवर्धन देखने को मिला।


सुश्री आंचल पाण्डेय का जन्म करगी रोड, कोटा मे हुआ तथा वह श्री राजेंद्र प्रसाद पाण्डेय एवं श्रीमती सविता पाण्डेय की सुपुत्री हैं। उन्होंने कथक की शिक्षा गुरु वसंती वैष्णव, पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ एवं पंडित भूपेंद्र बरेठ से प्राप्त की है, वहीं ओडिसी नृत्य की साधना सुप्रसिद्ध गुरु डॉ. गजेन्द्र पण्डा के मार्गदर्शन में की है।
आंचल पाण्डेय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला की प्रस्तुति दे चुकी हैं। *जापान, मलेशिया, सिंगापुर, बहरीन, दक्षिण कोरिया, दुबई एवं उत्तर अफ्रीका सहित विभिन्न देशों में उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को प्रस्तुत किया है। उनकी कला-साधना को विभिन्न राष्ट्रीय सम्मानों एवं पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

इसके साथ ही वे नृत्यधारा वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।चक्रधर समारोह के भव्य मंच पर आंचल पाण्डेय की ‘मानव उद्धारण’ प्रस्तुति भारतीय शास्त्रीय नृत्य, भक्ति और आध्यात्मिक भावों का सुंदर संगम रही, जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।

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