चाकू से हमले के आरोप की जांच में हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं
आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाईं
बिलासपुर । सिविल लाइन थाना क्षेत्र में वाहन खड़े करने को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने जांच के बाद आर्म्स एक्ट की धाराएं अलग कर दी हैं। पुलिस के मुताबिक शिकायत में धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन चिकित्सकीय रिपोर्ट और गवाहों के बयान में हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई।
18 अगस्त को सत्यम सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विकास सिंह ठाकुर, बोदलू सिंह और अन्य लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए चाकू से हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर घायल का चिकित्सकीय परीक्षण कराया। रिपोर्ट में सामान्य चोट का उल्लेख है, जबकि धारदार हथियार से कटने या किसी शार्प ऑब्जेक्ट से चोट की पुष्टि नहीं हुई।
विवेचना के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के बयान लिए गए। पुलिस के अनुसार, जांच में दोनों पक्षों के बीच वाहन खड़े करने को लेकर झूमा-झटकी और गाली-गलौज की बात सामने आई, लेकिन धारदार हथियार के उपयोग या प्रदर्शन की पुष्टि नहीं हुई। इसी आधार पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 को मामले से अलग किया गया।
पुलिस ने कुछ मीडिया रिपोर्टों में बिना तथ्यात्मक पुष्टि के आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाए जाने को लेकर खबरें प्रकाशित होने पर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस ने मीडिया से किसी भी प्रकरण की खबर प्रकाशित करने से पहले अधिकृत स्रोत से तथ्यों की पुष्टि करने और प्रमाणित जानकारी ही प्रसारित करने की अपील की है।