तीज का उपवास पड़ेगा महंगा
अइरसा, ठेठरी, खुरमी 320,तो करेला चिप्स 400 रुपए किलो
पारंपरिक व्यंजनों के दाम तेज

भाटापारा- हरतालिका तीज 14 सितंबर को। दिन अइरसा,ठेठरी और खुरमी के। जरूरी है करेला और करेला से बनी खाद्य सामग्रियों का सेवन लेकिन होश उड़ा रहीं हैं इनकी कीमतें, फिर भी मांग में बनी हुई हैं।
तीज की तैयारी लगभग अंतिम चरण में पहुंच रहीं हैं। उपवास के दौरान सेवन करने वाली खाद्य सामग्रियों का बनाया जाना भी पूरा होने को है लेकिन इस बार उपवास बेहद महंगा पड़ने जा रहा है क्योंकि खाद्य तेल, आटा, सूजी, मैदा और बेसन की कीमत आसमान पर पहुंची हुई है।

अइरसा, ठेठरी और खुरमी
घरों के बाद अब छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री करने वाली संस्थानें भी तैयार हैं लेकिन प्रति किलो कीमत जो बोली जा रही है उसे ज्यादा मान रहे हैं उपभोक्ता। इसके बावजूद खरीदी उत्साहजनक मानी जा रही है। ठेठरी, खुरमी और अईरसा में प्रति किलो कीमत 320 रुपए तय की जा चुकी है। कीमतों में उतार की संभावना इसलिए नहीं है क्योंकि कच्ची सामग्रियों की दरें मजबूत हैं।
करेला और करेला चिप्स
स्थिर नहीं है करेला प्रति किलो कीमत। 60 से 80 रुपए किलो के बावजूद भरपूर मांग में है। अब बनने लगा है करेला का भी चिप्स लेकिन प्रति किलो कीमत 400 रुपए पर पहुंची हुई है। टूट की संभावना इसलिए नहीं है क्योंकि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की भी करेला चिप्स की मांग ने दस्तक दे दी है। इसी तरह अईरसा की खरीदी के लिए भी प्रदेश के पड़ोसी राज्यों ने भी रुचि दिखाई हुई है।
तैयार है ‘फुलेरा’
फूलों से बनता है ‘फुलेरा’। तीज पर पूजा स्थल पर विशेष महत्व रखता है इसका लगाया जाना। संभावित मांग को देखते हुए फूल बाजार ने सामान्य और विशेष श्रेणी के फुलेरा की कीमतें तय कर दी हैं। सामान्य फुलेरा 250 से 400 रुपए और विशेष श्रेणी के फुलेरा की अधिकतम कीमत 1500 रुपए तय कर दी गई है जबकि फूलों की कीमत पूर्ववत स्तर पर स्थिर है।