नशे की सप्लाई का नया पहिया,बाइक-स्कूटी अब बनी तस्करों की पहली पसंद,76 मामलों में 53 बार दोपहिया का इस्तेमाल

अब वाहन भी होंगे राजसात
बिलासपुर। नशे के कारोबार में अब बड़ी गाड़ियों से ज्यादा छोटी गाड़ियां पुलिस के रडार पर हैं। पिछले करीब ढाई साल के पुलिस रिकॉर्ड पर नजर डालें तो जिले में नशीले पदार्थों की सप्लाई करते पकड़े गए 76 मामलों में सबसे ज्यादा 53 मामलों में बाइक, स्कूटी जैसे दोपहिया वाहन इस्तेमाल हुए। मतलब नशे की खेप को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए करीब 70 प्रतिशत मामलों में दोपहिया वाहन तस्करों की पहली पसंद रहे।
दरअसल पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक नशे की सप्लाई में इस्तेमाल वाहनों से जुड़े 76 मामले सामने आए। इनमें 19 मामलों में कार जैसे हल्के-मध्यम वाहन और चार मामलों में भारी वाहन इस्तेमाल किए गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करने के साथ वाहनों को भी जब्त किया है।छोटी बाइक और स्कूटी का इस्तेमाल इसलिए ज्यादा
किया जाता है क्योंकि गलियों से भागने और शराब ले जाने में आसानी होता है।इससे गली गली होते हुए अपने ठिकाने तक पहुंच जाते है।जिससे तस्करी भी हो जाती हैं।और किसी को पता भी नहीं चलता है।यही नहीं पुलिस का तो यह भी कहना है कि चोरों को स्कूटी में शराब रखते बनता है और बाइक में साइड के बैग में रखकर तस्करी करते बनता है।जिसके कारण उनकी पहली पसंद स्कूटी और बाइक है।
कई गड़िया पकड़ाई,
जिसमें सबसे ज्यादा बाइक और स्कूटी शामिल है।
पुलिस का कहना है कि जिले के अधिकतर शराब की तस्करी बाइक,कार और स्कूटी से होती है और फिर बड़ी गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है।लेकिन कुछ तस्कर शराब बेचने और तस्करी करने के लिए छोटी गाड़ियों का इस्तेमाल इसलिए करते है क्योंकि इसमें पुलिस को शक नहीं होता और अभी तक भी वाहनों की जांच करने के समय ही बाइक और स्कूटी सबसे ज्यादा पकड़ाई है।जिसमें तस्करी करते है।
अब नशे के साथ वाहन भी किए जाएंगे राजसात
पुलिस की कार्रवाई का अगला चरण सिर्फ गिरफ्तारी और नशीला सामान जब्त करने तक सीमित नहीं है। नशे की सप्लाई में इस्तेमाल किए गए वाहनों को राजसात कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। यानी जिस वाहन से नशे का कारोबार चल रहा था, वह भी आरोपी के हाथ से निकल सकता है। यह कार्रवाई नशे के कारोबार की उस कड़ी पर चोट है, जिसमें तस्कर खुद खुद वाहन चलाकर या दूसरे लोगों के वाहनों का इस्तेमाल कर खेप पहुंचाते हैं। पुलिस अब ऐसे मामलों में वाहन की भूमिका और उसके स्वामित्व की भी जांच कर रही है।
क्यों छोटी गाड़ी बनी तस्करों की पसंद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वाले इलाकों, गलियों और छोटे रास्तों से आसानी से निकाला जा सकता है। यही वजह है कि नशे के छोटे सप्लायर बड़ी गाड़ी के बजाय दोपहिया वाहन का सहारा ले रहे हैं। पुलिस ने वाहन समेत नशीला सामान जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
वर्जन
नशे की सप्लाई में इस्तेमाल वाहनों पर पुलिस की नजर है। मादक के साथ वाहन जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। जब्त वाहनों के राजसात की प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
रजनेश सिंह
एसएसपी बिलासपुर