पूर्व सरपंच पर रंगदारी का आरोप, एट्रोसिटी एक्ट में फंसाने की धमकी देकर मांगे रुपये
मकान निर्माण कार्य करने वाले पिता-पुत्र ने एसपी से की शिकायत, कहा– ऑनलाइन वसूली के सबूत उपलब्ध, निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग
बिलासपुर। जिले के ग्राम परसदा (भरनी) निवासी एक मकान निर्माण कार्य से जुड़े व्यक्ति ने पूर्व सरपंच संतराम लहरे के खिलाफ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि पूर्व सरपंच ने अपने कार्यकाल के दौरान कई वर्षों तक धमकी देकर अवैध वसूली (रंगदारी) की और अब पद पर नहीं होने के बावजूद फिर से रुपयों की मांग कर रहा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार वह और उसका पुत्र अम्बरीष गुप्ता क्षेत्र में मकान निर्माण का कार्य करते हैं। आरोप है कि पूर्व सरपंच संतराम लहरे अपने प्रभाव का भय दिखाकर विभिन्न लोगों के नाम से फोनपे और पेटीएम के माध्यम से ऑनलाइन राशि ट्रांसफर करवाता रहा। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन लेन-देन से संबंधित जानकारी जांच के दौरान उपलब्ध कराई जाएगी।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल ही में पूर्व सरपंच ने कई बार मुलाकात कर रुपये मांगे और रकम नहीं देने पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत झूठा मामला दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी दी।
आवेदन के अनुसार 21 जुलाई 2026 को शाम 3:46 बजे फोन कर भी कथित रूप से धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फोन पर कहा गया कि उसकी “ऊपर तक पहुंच” है और रुपये नहीं देने पर वह शिकायतकर्ता एवं उसके पुत्र के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करा देगा।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में कहा है कि वह और उसका पुत्र लगातार भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं तथा कभी भी झूठी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों की सत्यता की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।