बिलासपुर या डूबापुर ,क्या यही है। हमारा स्मार्ट सिटी बिलासपुर

बिलासपुर । शहर की जनता बारिश से नहीं, नगर निगम की नाकामी से डूबी है। आखिर करोड़ों रुपये विकास के नाम पर खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश ने उन दावों की पोल खोल दी।हर तरफ जलभराव, सड़कें तालाब मे तब्दील, गड्ढों से भरे रास्ते,घंटो जाम, दुर्घटनाओं का खतरा और आम नागरिक बेहाल।पुर्व ब्लॉक अध्यक्ष जावेद मेमन ने कहा यदि जिम्मेदार अधिकारी अपने वातानुकूलित कार्यालयों से निकलकर सड़कों पर उतरें, तो उन्हें जनता का दर्द समझ आएगा। आखिर करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी जनता को यह दुर्दशा क्यों झेलनी पड़ रही है।यह विकास नहीं बल्कि योजना और जवाबदेही की विफलता है।आज हालात यह है।कि एक बारिश पूरे सिस्टम की पोल खोल देती है। करोड़ो रुपए खर्च होने के बाद भी यदि नागरिक जलभराव टूटीं सड़कों और अव्यवस्था से जुझ रहे । तों यह विकास नहीं।अब जवाबदेही तय होनी चाहिए—वरना जनता आने वाले समय में हर लापरवाही का हिसाब लोकतांत्रिक तरीके से जरूर लेगी।