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भाजपा नेत्री से रेप और ठगी का आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर । भाजपा नेत्री के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामले में आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और जिला न्यायालय में पेश किया गया। भाजपा नेत्री ने आरोप लगाया है कि झारखंड के रांची निवासी कारोबारी संजय सिंह ने दिल्ली में महिला के साथ रेप किया।

बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात पहले दिल्ली में हुई थी, जहां आरोपी ने माइनिंग कारोबार में निवेश का झांसा देकर महिला से नजदीकियां बढ़ाई। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। शुक्रवार को बिलासपुर पुलिस ने झारखंड के रांची से आरोपी संजय सिंह को अरेस्ट कर लिया है। वहीं संजय के वायरल वीडियो पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस खुद उसे वीडियो जारी कर सफाई देने का मौका दे रही है? वीडियो में संजय ने रेप के आरोपों को झूठा बताते हुए दावा किया है कि 21 मई को पुलिस ने उसके घर दबिश देकर खुद केस की जानकारी दी थी। उसने भाजपा नेत्री पर कोलमाइंस के नाम पर 80 लाख रुपए की ठगी का उल्टा आरोप भी लगाया है। जानकारी के मुताबिक भाजपा नेत्री सिविल लाइन क्षेत्र की

रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका दिल्ली आना-जाना लगा रहता था। करीब 2 साल पहले उनकी पहचान संजय सिंह से हुई थी।

इस दौरान संजय सिंह ने खुद को बड़ा कारोबारी बताते हुए माइनिंग कारोबार में निवेश पर अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने व्यापार में साझेदारी और मोटे लाभका झांसा देकर महिला से निवेश कराया। इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया। भाजपा नेत्री का आरोप है कि कारोबारी ने भरोसे का फायदा उठाते हुए सितंबर 2025 में नजदीकियां बढ़ाई और बाद में दिल्ली में दुष्कर्म किया। महिला ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद आरोपी लगातार ब्लैकमेल करता रहा और पैसों की मांग भी करता था। भाजपा नेत्री ने अपनी शिकायत में बताया कि कारोबारी संजय ने उनसे अलग-अलग किश्तों में करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपए लिए। आरोप है कि संजय ने आरटीजीएस समेत अलग-अलग माध्यमों से रकम लेने के बाद कैश में निवेश कराने का झांसा दिया। बाद में जब भाजपा नेत्री ने अपने पैसे वापस मांगे, तब आरोपी उल्टा ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने लगा। मानसिक रूप से परेशान होने के बाद भाजपा नेत्री ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

कई नेताओं और रसूख होने का करती हैं दावा

भाजपा नेत्री अपने प्रोफाइल में खुद को विभिन्न राष्ट्रीय संगठनों और पर्यावरण मंचों से जुड़ा बताया है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पिछले कई वर्षों से वे सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ गतिविधियों के जरिए सक्रिय नेटवर्क तैयार करती रही हैं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि करीब सात-आठ वर्ष पहले बिलासपुर में एनजीओ गतिविधियों के दौरान कुछ प्रभावशाली अधिकारियों और सत्ता से जुड़े लोगों के माध्यम से उनका प्रभाव बढ़ा। चर्चा यह भी है कि उस समय कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें विभिन्न परियोजनाओं और संपर्कों में सहयोग दिया। वर्तमान में वे अधिकारी शासन-प्रशासन के महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पदों पर बताए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले के बाद इन संपर्कों और पुराने समीकरणों की चर्चा फिर तेज हो गई है।
यही नहीं जानकारी के अनुसार पीड़िता लंबे समय से कोटा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा संगठन के सामने जताती रही हैं और राजनीतिक रूप से सक्रिय भूमिका में आने की तैयारी कर रही थीं।

रायपुर से रांची तक गूंज रहा मामला, वायरल वीडियो के बाद तेज हुई सियासी कानाफूसी

मामले में नया मोड़ तब आया जब रांची निवासी कारोबारी और कोयला ठेकेदार संजय सिंह का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनका और पीड़िता का परिचय कारोबारी और सामाजिक संपर्कों के माध्यम से हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कोल माइंस से जुड़े ठेके दिलाने के नाम पर उनसे करीब 80 लाख रुपये लिए गए थे। वीडियो में उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान उन्हें अभिषेक सिंह, अलका सिंह और तड़का देव सिंह जैसे नामों का हवाला दिया गया था, जिनके माध्यम से कोल माइंस और ठेका दिलाने की बात कही गई थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गिरफ्तारी के बाद नया वीडियो आया सामने,बोले संजय,ढाई करोड़ रुपये के लेन-देन संबंधी आरोप पूरी तरह गलत

इसी मामले में पीड़िता ने बिलासपुर के सिविल लाइन थाना में संजय सिंह के खिलाफ ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और दैहिक शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद बिलासपुर पुलिस टीम रांची पहुंची और कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद ही कारोबारी का यह वीडियो सामने आया, जिसने पूरे मामले को नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ दे दिया है।
वीडियो में संजय सिंह ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए ढाई करोड़ रुपये के लेन-देन संबंधी आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब सात महीनों से दोनों के बीच आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई थी और केवल फोन पर बातचीत होती रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने महीने से कोई व्यक्तिगत संपर्क ही नहीं था, तब दैहिक शोषण का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।

अपनी खुद की रकम मांग रहे थे और उल्टा उनको हीं फंसा दिया गया

संजय सिंह ने वीडियो में यह भी कहा कि वे लगातार अपनी रकम वापस मांग रहे थे। उनके अनुसार 21 तारीख को रायपुर में फोन पर बातचीत हुई, जहां उन्हें भरोसा दिया गया कि पैसा लौटा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद कुछ लोग थार वाहन से पहुंचे, बैंक अकाउंट नंबर लिया गया, लेकिन बाद में मोबाइल फोन बंद कर दिया गया और रकम वापस नहीं की गई।
वीडियो में उन्होंने खुद को परेशान बताते हुए कहा कि आर्थिक विवाद के बाद उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि दूसरी ओर पुलिस में दर्ज शिकायत में दैहिक शोषण और आर्थिक लेन-देन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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