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महामाया मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ बजरंग दल का प्रदर्शन,दुकानदारों को जारी नोटिस वापस लेने की मांग

मुस्लिम दुकानदार को अनुमति और हिंदू दुकानदारों पर कार्रवाई को लेकर संगठनों ने उठाए सवाल

ट्रस्ट कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी

बिलासपुर। रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर परिसर में 22 अगस्त को हुए विवाद और मारपीट के बाद अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट द्वारा चार दुकानदारों को सात दिन के भीतर दुकानें हटाने का नोटिस जारी किए जाने के विरोध में रविवार को बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदू संगठनों ने मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं और हिंदूवादी नेताओं ने ट्रस्ट कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए नोटिस वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिंदू आस्था के प्रमुख केंद्र मां महामाया देवी मंदिर परिसर में मुस्लिम व्यक्ति को दुकान संचालन की अनुमति दी गई, लेकिन विवाद के बाद कार्रवाई का निशाना हिंदू दुकानदारों को बनाया जा रहा है। इसे संगठनों ने भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताते हुए मंदिर परिसर में गैर-हिंदुओं को दुकान संचालन अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं देने की मांग की।
हिंदू संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर का संचालन लंबे समय से एक ही परिवार के हाथों में है और ट्रस्ट के अध्यक्ष की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट प्रबंधन की नीतियों के कारण हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है और मुस्लिम दुकानदारों को मंदिर परिसर में दुकान संचालन की अनुमति दी जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि मंदिर परिसर में सभी दुकानदारों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। यदि विवाद में किसी की भूमिका है तो जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन किसी एक पक्ष के दुकानदारों को ही नोटिस देकर दुकानें हटाने का आदेश देना उचित नहीं है।

चार दुकानदारों को नोटिस का विरोध

दरअसल, 22 अगस्त को मंदिर परिसर में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद महामाया मंदिर ट्रस्ट ने भागवत उर्फ राहुल पटेल, ईश्वर प्रधान, चिंकी प्रधान और राजू शर्मा को सात दिनों के भीतर दुकानें हटाने का नोटिस जारी किया।झगड़े के दौरान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की रेहाना बेगम ने थूक लगाकर चप्पल से हिंदू दुकानदार की पिटाई की थी। इस मामले में भाजपा ने उसे निष्कासित कर दिया है लेकिन मंदिर ट्रस्ट ने भेदभावपूर्ण नीति अपनाते हुए हिंदू दुकानदारों को ही नोटिस थमा दिया। आरोप है कि महामाया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष कांग्रेसी होने के कारण वे तुष्टिकरण का खेल खेल रहे हैं।

बजरंग दल ने जमकर की नारेबाजी

इसी कार्रवाई को लेकर रविवार को हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रस्ट से चारों दुकानदारों को जारी नोटिस तत्काल वापस लेने तथा मंदिर परिसर में किसी भी गैर-हिंदू को दुकान संचालन या अन्य कार्य की अनुमति नहीं देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ट्रस्ट कार्यालय के सामने जुटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। संगठनों ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर की व्यवस्था और दुकानों से जुड़े निर्णय श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।

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