मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर बैंक खाते में रकम मंगवाकर नगद प्राप्त करने वाले 02 आरोपी गिरफ्तार, म्यूल अकाउंट के रूप में खातों का उपयोग कर धोखाधड़ी का खुलासा

▪️ आरोपियों द्वारा बैंक खातों में रकम मंगवाकर च्वाईस सेंटर संचालकों से नगद राशि प्राप्त करने की योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी की गई।
▪️ रकम खाते में आने के दो दिन बाद साइबर शिकायत के कारण प्रार्थी का बैंक खाता होल्ड होने से धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
▪️ विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर जामुल पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की।
▪️ प्रकरण में आरोपियों द्वारा बैंक खातों का म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग कर विभिन्न व्यक्तियों से नगद राशि प्राप्त करने की जानकारी सामने आई।
मुख्य बिंदु
थाना जामुल क्षेत्र में बैंक खाते में रकम मंगवाकर उसके बदले नगद राशि प्राप्त करने की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने विवेचना, साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दुर्ग।प्रार्थी चंदन साहू, निवासी शिवपुरी जामुल, च्वाईस सेंटर का संचालन करता है। दिनांक 10.03.2026 को एक युवती द्वारा मेडिकल इमरजेंसी की आवश्यकता बताकर अपने परिचित से प्रार्थी के बैंक खाते में रकम भिजवाने तथा उसके बदले नगद राशि प्राप्त करने की बात कही गई। प्रार्थी द्वारा विश्वास में लेकर नगद राशि प्रदान की गई। घटना के दो दिन बाद साइबर ठगी संबंधी शिकायत के कारण बैंक द्वारा प्रार्थी का खाता होल्ड कर दिया गया।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रार्थी के अतिरिक्त अन्य च्वाईस सेंटर संचालकों से भी अलग-अलग रकम नगद प्राप्त की गई थी। मामले में प्राप्त साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा आरोपियों की पतासाजी कर पूछताछ की गई। पूछताछ एवं विवेचना में बैंक खातों का योजनाबद्ध तरीके से म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग कर रकम प्राप्त करने की जानकारी सामने आई। प्रकरण में आरोपी लोकेश कुमार मालवीय एवं दिनेश मालवीय को दिनांक 14.08.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपियों द्वारा मेडिकल इमरजेंसी जैसी आवश्यकता बताकर च्वाईस सेंटर संचालकों को विश्वास में लिया जाता था। इसके बाद अन्य स्रोत से संबंधित बैंक खाते में रकम भेजवाकर उसके बदले नगद राशि प्राप्त की जाती थी। इस प्रक्रिया में बैंक खाते का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में किए जाने से बाद में साइबर शिकायत के कारण खाताधारक का बैंक खाता होल्ड हो जाता था।
घटना स्थल
च्वाईस सेंटर, जामुल क्षेत्र एवं अन्य संबंधित च्वाईस सेंटर, जिला-दुर्ग।
आरोपी का नाम
- लोकेश कुमार मालवीय, उम्र 43 वर्ष, निवासी बसंत बिहार कॉलोनी, महावीर नगर, थाना राजेन्द्र नगर, जिला रायपुर।
- दिनेश मालवीय, उम्र 56 वर्ष, निवासी न्यू सब्जी मंडी, अहिवारा, थाना नंदिनी, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री
प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर संबंधित बैंक खातों एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजी/डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
अपराध क्रमांक एवं धाराएं
अपराध क्रमांक 563/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्यवाही में थाना जामुल पुलिस टीम की विवेचना, साक्ष्य संकलन, तकनीकी जानकारी के विश्लेषण एवं आरोपियों की पतासाजी में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों एवं च्वाईस सेंटर संचालकों से अपील करती है कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में अनजान स्रोत से राशि प्राप्त कर उसके बदले नगद राशि न दें। बैंक खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति के लेन-देन के लिए करने से पूर्व पूरी जानकारी एवं वैधता सुनिश्चित करें। संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तत्काल संबंधित बैंक एवं पुलिस को दें। बैंक खाता साइबर अपराध में उपयोग होने पर खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।
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