रायपुर में जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य का बड़ा बयान,संसद में 370 सीटें दिला दे, एक मिनट में हिन्दू राष्ट्र बना देंगे

अजीत यादव स्टेट हेड छत्तीसगढ़
रायपुर। शिवरीनारायण में रामकथा के समापन के बाद जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य मंगलवार देर शाम राजधानी रायपुर पहुंचे। जहां विशाल खंडेलवाल के धरमपुर नकटी स्थित राघवायनम फार्म हाउस में उन्होंने भक्तों को दर्शन और आशीर्वाद दिये। देर रात तक श्रद्धालुओं का मिलने-जुलने का सिलसिला जारी रहा। इसी दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल भी देर रात फार्महाउस पहुंचे और स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्वामी रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ से अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि वे वर्ष 1978 से यहां आ रहे हैं और राज्य स्थापना दिवस के दिन भी वे छत्तीसगढ़ में ही मौजूद थे, दूधाधारी मठ में रामकथा कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को भरपूर आशीर्वाद देते हुए रामभक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
जब एक पत्रकार ने छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल कहलाता है कहा…, तो स्वामी जी ने तुरंत सुधार करते हुए कहा कि कहलाता नहीं, है। उन्होंने बताया कि यहां से करीब 15 किलोमीटर दूर कोसला नामक स्थान है, जहां माता कौशल्या का जन्म हुआ था। छत्तीसगढ़ श्रीराम जी का ननिहाल है और वे यहां के भांजे हैं।
राजनीतिक विषयों पर भी स्वामी जी ने अपने विचार व्यक्त किए। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गंगोत्री से गंगासागर तक विस्तार का सपना अब पूरा होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने वादों को पूरा करेगी।
हिन्दू राष्ट्र के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि देशवासी संसद में 370 सीटें दे दें, तो एक मिनट में हिन्दू राष्ट्र बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू राष्ट्र बनना चाहिए और भविष्य में इसके संकेत भी नजर आ रहे हैं।
धर्मांतरण के सवाल पर स्वामी जी ने बताया कि इस विषय पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से चर्चा की है और सरकार इस पर कठोर कानून लाकर रोकथाम के लिए कार्य कर रही है।
अखंड भारत के विषय में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत में शामिल होते देखना चाहते हैं और इसके लिए वे नियमित रूप से यज्ञ कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया है कि भविष्य में बलूचिस्तान और सिंध भी भारत का हिस्सा बनेंगे।
इस पूरे कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक वातावरण को जीवंत किया, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा का मंच प्रदान किया, जिससे यह आयोजन और अधिक महत्वपूर्ण बन गया।
स्वामी रामभद्राचार्य जी का काफिला मंगलवार देर शाम हुई तेज बारिश में फंस गया, जिसके कारण उन्हें शिवरीनारायण से रायपुर पहुंचने में काफी विलंब हुआ। वहीं, उनके स्वागत के लिए की गई साज-सज्जा भी बारिश के चलते पूरी तरह खराब हो गई, जिसे दोबारा व्यवस्थित करने में घंटों का समय लग गया।
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर मां शबरी की नगरी शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम में 9 दिवसीय रामकथा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। 27 अप्रैल से 5 मई तक चले इस धार्मिक आयोजन में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीराम की कथाओं का रसपान किया।
इस भक्तिमय कार्यक्रम में विष्णु देव साय, तोखन साहू, बृजमोहन अग्रवाल, अनुज शर्मा सहित प्रदेश के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।