व्यापार विहार में नकली सामान पर छापा, कार्रवाई के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

बिलासपुर। व्यापार विहार में नकली सामान के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब व्यापारी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन—दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक ओर दुकानदारों पर मिलावटी और डुप्लीकेट सामान बेचने के आरोप हैं, वहीं विभाग की कार्रवाई की गति भी सवालों के घेरे में है। शुक्रवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सागर ट्रेडिंग कंपनी समेत कई दुकानों पर छापेमार कार्रवाई कर खाद्य और कॉस्मेटिक सामान के सैंपल लिए। शिकायत थी कि बाजार में नकली सामान की बिक्री हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत और विश्वास दोनों पर खतरा है।

कार्रवाई के दौरान चायपत्ती, गरम मसाला, टूथपेस्ट समेत कई उत्पादों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि पहले भी इसी बाजार में सैंपलिंग की कार्रवाई हो चुकी है, फिर भी नकली सामान का कारोबार क्यों नहीं रुक पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में 4 से 5 दुकानें लगातार नकली सामान बेच रही हैं, लेकिन विभाग की धीमी कार्रवाई के कारण उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। एक तरफ जहां व्यापारी मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं, वहीं विभाग की लेट-लतीफ जांच प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। अक्सर देखा गया है कि सैंपल की रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते हैं, जिससे मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। लोगों ने मांग की है कि न सिर्फ दोषी व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई हो, बल्कि जांच प्रक्रिया को भी तेज और पारदर्शी बनाया जाए। अब देखना होगा कि इस बार की कार्रवाई सिर्फ सैंपलिंग तक सीमित रहती है या फिर नकली कारोबार पर सच में लगाम लगती है।