सर्वर डाउन और ओटीपी की सुस्ती ने रोकी रजिस्ट्री की रफ्तार,बिलासपुर तहसील में 50 से नीचे पहुंचा आंकड़ा,दस्तावेज अपलोड से पंजीयन तक कई चरण ऑनलाइन

तकनीकी दिक्कत के कारण आवेदकों को करना पड़ रहा इंतजार
बिलासपुर। जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को इन दिनों ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर की धीमी रफ्तार और मोबाइल पर ओटीपी आने में देरी के कारण रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है। इसका सीधा असर बिलासपुर तहसील में होने वाले रोजाना पंजीयन पर पड़ा है। जहां पहले प्रतिदिन 50 से अधिक रजिस्ट्रियां हो जाती थीं, वहीं तकनीकी समस्या के चलते अब यह आंकड़ा कई दिनों में 50 के आसपास या उससे नीचे पहुंच रहा है।
वर्तमान पंजीयन व्यवस्था में दस्तावेज अपलोड करने से लेकर उनके सत्यापन और पक्षकारों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण तक कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी होती हैं। ऐसे में प्रक्रिया के किसी भी चरण में सर्वर की गति धीमी होने या तकनीकी समस्या आने पर पूरी रजिस्ट्री अटक जाती है।
ओटीपी में देरी से बढ़ रहा इंतजार
रजिस्ट्री प्रक्रिया में ओटीपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। पक्षकारों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आने के बाद ही प्रमाणीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेकिन कई बार ओटीपी आने में काफी समय लग जाता है। कुछ मामलों में आवेदकों को दोबारा ओटीपी जनरेट करने का प्रयास करना पड़ता है।
सर्वर की धीमी गति और ओटीपी में देरी के कारण एक रजिस्ट्री को पूरा करने में अधिक समय लग रहा है। इसका असर आगे के आवेदकों पर भी पड़ता है और निर्धारित स्लॉट के बावजूद उन्हें अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है।
स्लॉट व्यवस्था के बावजूद बढ़ रही परेशानी
पंजीयन व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए स्लॉट आधारित प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत आवेदक को निर्धारित समय पर पंजीयन कार्यालय पहुंचना होता है। लेकिन कार्यालय पहुंचने के बाद यदि सर्वर धीमा हो जाए या ओटीपी समय पर नहीं आए, तो निर्धारित समय में रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पाती।कई बार दस्तावेज पूरी तरह तैयार होने के बावजूद आवेदकों को केवल सर्वर रिस्पॉन्स या ओटीपी का इंतजार करना पड़ता है। इससे पंजीयन कार्यालय में अनावश्यक भीड़ बढ़ती है और कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त काम का दबाव पड़ता है।
प्रदेशभर में तकनीकी समस्या
बताया जा रहा है कि सर्वर और ओटीपी से जुड़ी समस्या केवल बिलासपुर तहसील तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी पंजीयन प्रक्रिया के दौरान ऐसी तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। हालांकि बिलासपुर में फिलहाल रजिस्ट्री की कोई बड़ी पेंडेंसी नहीं बनी है।
सर्वर डाउन होने के कारण कई बार रजिस्ट्री प्रक्रिया में देरी होती है
पंजीयक राजीव स्वर्णकार के अनुसार, सर्वर डाउन होने के कारण कई बार रजिस्ट्री प्रक्रिया में देरी होती है। फिलहाल पेंडेंसी लगभग नहीं के बराबर है और रोजाना औसतन करीब 50 रजिस्ट्रियां हो रही हैं।
तकनीकी समस्या के कारण रजिस्ट्री की गति प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन पंजीयन कार्यालय का कहना है कि लंबित मामलों का दबाव फिलहाल नहीं है। अब आवेदकों को उम्मीद है कि सर्वर की गति और ओटीपी की समस्या जल्द दूर होगी, जिससे निर्धारित स्लॉट के अनुसार रजिस्ट्री की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी।