Blog

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस का विशेष अभियान,स्कूली ऑटो एवं ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों के परिवहन पर 04 वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही

नाबालिग बच्चों द्वारा दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल आने पर 04 नाबालिग एवं उनके पालकों के विरुद्ध कार्यवाही।

👉 कुल 08 प्रकरणों में ₹18,000 समन शुल्क अधिरोपित, भविष्य में पुनरावृत्ति पर कठोर वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी।

रायपुर।डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में स्कूली बच्चों की सुरक्षा एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर यातायात पुलिस द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूली वाहनों की जांच करने के साथ-साथ नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में भी प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में थाना प्रभारी यातायात थाना पंडरी एवं उनकी टीम द्वारा गुजराती स्कूल, देवेन्द्र नगर के आसपास स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान स्कूली ऑटो एवं ई-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों का परिवहन करते पाए जाने पर 04 स्कूली ऑटो के विरुद्ध धारा 184 एवं 179 के तहत कार्यवाही की गई। चारों वाहनों पर कुल ₹10,000 समन शुल्क अधिरोपित किया गया तथा वाहन चालकों को भविष्य में क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।

इसी प्रकार थाना प्रभारी यातायात थाना पचपेड़ी नाका एवं उनकी टीम द्वारा द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल, न्यू राजेंद्र नगर के आसपास जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 04 नाबालिग बच्चे दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल आते पाए गए। नाबालिगों के विरुद्ध संबंधित मोटरयान अधिनियम की धाराओं के तहत कार्यवाही करते हुए उनके पालकों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही की गई। प्रकरणों में कुल ₹8,000 समन शुल्क अधिरोपित किया गया।

यातायात पुलिस द्वारा संबंधित नाबालिगों एवं उनके पालकों को समझाइश देते हुए स्पष्ट किया गया कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देना उनके जीवन के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति पाए जाने पर और अधिक कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

यातायात पुलिस द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया अथवा अन्य मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें तथा स्कूली बच्चों को परिवहन करने वाले वाहन चालक निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों का परिवहन करें। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *