Blog

50 लाख गड्ढों से स्मार्ट सिटी के काम में भ्रष्टाचार पर बवाल,महिला पार्षदों की टिप्पणी पर सदन में हंगामा

निगम सामान्य सभा में सड़क-नाली के काम में ‘बंदरबांट’ के आरोप से लेकर अमृत मिशन कनेक्शन में वसूली तक उठे सवाल

मुक्तिधाम की बदइंतजामी पर भी घेरा, 21 सड़कों के नामकरण समेत 12 प्रस्तावों पर हुई चर्चा

बिलासपुर। नगर पालिक निगम की सामान्य सभा में शुक्रवार को शहर की सियासत और स्थानीय मुद्दे एक साथ सदन के केंद्र में रहे। सड़क के गड्ढों से लेकर स्मार्ट सिटी के काम, मुक्तिधाम की बदइंतजामी, अमृत मिशन के कनेक्शन, सड़क-नाली निर्माण में कथित अनियमितता और महिला पार्षदों को लेकर की गई टिप्पणी तक कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे। सवाल-जवाब के दौरान कई बार तीखी बहस हुई और सदन का माहौल गरमाया।
सामान्य सभा में जहां पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की समस्याएं उठाईं, वहीं निगम की ओर से रखे गए 12 प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना के सरलीकरण, 100 सीटर छात्रावास, सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान, सड़क नामकरण, ठेकेदारों के बिल और प्लेसमेंट कर्मचारियों से जुड़े विषय सदन में आए। करीब 21 सड़कों का विभिन्न विभूतियों के नाम पर नामकरण करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
‘50 लाख गड्ढों’ के मुद्दे पर सड़क से सदन तक सवाल
शहर की सड़कों की स्थिति बैठक में प्रमुख मुद्दों में रही। कांग्रेस के पार्षदों ने सड़क पर जगह-जगह गड्ढों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर निगम प्रशासन से जवाब मांगा। सदन में शहर की बदहाल सड़कों को लेकर ‘50 लाख गड्ढों’ का मुद्दा उठाया गया। पार्षदों का कहना था कि सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े कामों के बावजूद कई हिस्सों में लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कामों की निगरानी को लेकर भी सवाल किए गए।

स्मार्ट सिटी के काम पर आमने-सामने

सत्ता पक्ष-विपक्ष
स्मार्ट सिटी के विभिन्न प्रोजेक्टों में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना। भाजपा पार्षदों की ओर से पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कामों को लेकर सवाल उठाए गए। इसके जवाब में महापौर ने स्मार्ट सिटी से जुड़ी गड़बड़ियों को कांग्रेस सरकार के समय का बताया।
वहीं विपक्ष की ओर से स्मार्ट सिटी के कामों की गुणवत्ता, खर्च और परियोजनाओं से जुड़े सवाल उठाए गए। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते सदन का माहौल लगातार गरमाता रहा।

सड़क-नाली के काम में ‘बंदरबांट’ का आरोप

भाजपा पार्षद कार्तिक यादव ने अपने वार्ड में हुए सड़क और नाली निर्माण का मुद्दा उठाते हुए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता और ‘बंदरबांट’ के आरोप लगाए। उन्होंने काम की गुणवत्ता और राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठाए।
मुद्दा उठने के बाद सदन में इस पर बहस हुई। पार्षदों की ओर से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, स्वीकृत राशि और उसके उपयोग को लेकर जवाबदेही से जुड़े सवाल रखे गए।
अमृत मिशन के कनेक्शन में वसूली का आरोप
अमृत मिशन के तहत पानी के कनेक्शन का मामला भी सामान्य सभा में उठा। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कनेक्शन के नाम पर लोगों से कथित तौर पर वसूली की जा रही है। इस व्यवस्था को लेकर निगम प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित मामले की जांच की मांग की गई।

पानी के कनेक्शन से जुड़े शुल्क और आम लोगों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर भी सदन में

सवाल-जवाब हुए।
मुक्तिधाम की बदइंतजामी भी सदन में गूंजी
शहर के मुक्तिधाम की व्यवस्थाओं को लेकर भी पार्षदों ने सवाल उठाए। वहां सुविधाओं और व्यवस्था से जुड़े मुद्दे सदन में रखे गए। मुक्तिधाम जैसे सार्वजनिक उपयोग के स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर निगम प्रशासन से जवाब मांगा गया।
महिला पार्षदों की टिप्पणी पर सबसे ज्यादा हंगामा
सामान्य सभा के दौरान महिला पार्षदों से जुड़ा विवाद भी सामने आया। कांग्रेस की महिला पार्षदों ने आरोप लगाया कि नए एल्डरमैन की ओर से महिला पार्षदों को लेकर टिप्पणी की गई। महिला पार्षदों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए संबंधित टिप्पणी के लिए माफी की मांग की।
पार्षदों ने कहा कि माफी मांगे जाने तक वे अपने विरोध से पीछे नहीं हटेंगी। इस दौरान सदन में हंगामा हुआ। महिला पार्षदों की ओर से जरूरत पड़ने पर सामान्य सभा के बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई।
12 प्रस्तावों पर चर्चा,
आवास से खेल मैदान तक मुद्दे
सामान्य सभा में निगम की ओर से कुल 12 प्रस्ताव रखे गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े प्रस्ताव और योजना के सरलीकरण से संबंधित विषय शामिल रहे। शहर में 100 सीटर छात्रावास और सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान बनाने का प्रस्ताव भी चर्चा में आया।

सुभाष चौक से रामसेतु चौक तक सड़क का नाम

‘डॉक्टर रेलुमल तीर्थानी रोड’ करने की मांग पर भी सदन में चर्चा हुई।
ठेकेदारों के बिल और विभिन्न कार्यों से जुड़े विषयों के साथ प्लेसमेंट कर्मचारियों से संबंधित मुद्दे भी बैठक में रखे गए।

सड़कों के नामकरण का प्रस्ताव पास

सामान्य सभा में शहर की करीब 21 सड़कों का विभिन्न विभूतियों के नाम पर नामकरण करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। सड़क नामकरण से जुड़े प्रस्तावों पर पार्षदों के बीच चर्चा हुई और इसके बाद प्रस्तावों को सदन में मंजूरी मिली।

डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर जागरूकता की चर्चा

शहर की डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के विषय पर भी चर्चा हुई। व्यवस्था को लेकर नागरिकों की भागीदारी और जागरूकता बढ़ाने पर जोर देने की बात सामने आई।

विपक्ष ने कहा- औपचारिकता, सत्ता पक्ष ने समाधान की बात रखी

सामान्य सभा में रखे गए अधिकांश प्रस्तावों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए। विपक्ष की ओर से सामान्य सभा को औपचारिकता बताते हुए कहा गया कि शहर की कई मूलभूत समस्याओं को लेकर ठोस निर्णय दिखाई नहीं दे रहा है।
वहीं सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि सदन में उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जाएगा और समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।

सदन में वार्डों के सवाल, बाहर अब फैसलों पर नजर
सामान्य सभा में पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। सड़क, नाली, पानी, कचरा प्रबंधन, मुक्तिधाम, स्मार्ट सिटी और निर्माण कार्यों से जुड़े सवालों के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी बैठक का हिस्सा रहे। दूसरी ओर 12 प्रस्तावों पर चर्चा के साथ सड़कों के नामकरण जैसे निर्णय भी सामान्य सभा की कार्यवाही में शामिल रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *