
दिल्ली के रामलीला मैदान में गूंजा छत्तीसगढ़ के युवाओं का हुंकार! SIR के मुद्दे पर NSUI ने केंद्र सरकार को घेरा, बिलासपुर जिलाध्यक्ष रंजेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर के युवाओं ने दर्ज कराई दमदार उपस्थिति

बिलासपुर। लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के संकल्प के साथ 1 नवंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ NSUI ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एवं उससे जुड़े लोकतांत्रिक अधिकारों के सवालों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय के नेतृत्व में बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों NSUI पदाधिकारियों, छात्र नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा की उठाई आवाज
रामलीला मैदान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। NSUI ने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में जनता का वोट केवल एक चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि नागरिक की राजनीतिक भागीदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। ऐसे में किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटना या किसी नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित होने की स्थिति में पहुंचाना गंभीर चिंता का विषय है।
संविधान के अनुच्छेद 19 और 326 का हवाला देते हुए रंजेश सिंह ने कहा— लोकतंत्र में जनता की आवाज और मताधिकार से कोई समझौता नहीं हो सकता
इस अवसर पर बिलासपुर जिलाध्यक्ष रंजेश सिंह ने कहा कि,
“भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संविधान और जनता का मताधिकार है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है, वहीं अनुच्छेद 326 देश में वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को संवैधानिक आधार देता है। लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है।
SIR जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही होनी चाहिए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से नहीं कटना चाहिए। गरीब, मजदूर, युवा, किसान और आम नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हों, इसके लिए निर्वाचन प्रक्रिया में हर स्तर पर सावधानी और निष्पक्षता आवश्यक है।
लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब प्रत्येक नागरिक का विश्वास चुनावी व्यवस्था में बना रहे। युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा आगे आएं।”
छत्तीसगढ़ के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई संगठन की ताकत
रंजेश सिंह ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों NSUI साथियों का दिल्ली पहुंचना संगठन की एकजुटता, संघर्षशीलता और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। बिलासपुर से लेकर प्रदेश के अन्य जिलों तक के छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि छत्तीसगढ़ का युवा अन्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर चुप बैठने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि NSUI हमेशा छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रही है। जब भी संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर सवाल खड़े होंगे, NSUI का प्रत्येक कार्यकर्ता मजबूती के साथ अपनी आवाज बुलंद करेगा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में छत्तीसगढ़ NSUI की यह सहभागिता केवल एक प्रदर्शन में उपस्थिति नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रदेश के युवाओं की प्रतिबद्धता का संदेश है।





