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राणा सांगा पर आपत्तिजनक बयान से क्षत्रिय समाज में उबाल, बिलासपुर में कानूनी कार्रवाई की मांग

0क्षत्रिय समाज के पदाधिकारी आज सपा को सौंपेंगे ज्ञापन

बिलासपुर। देश के महान शूरवीर और क्षत्रिय कुल गौरव महाराणा संग्राम सिंह (राणा सांगा) के विरुद्ध सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से क्षत्रिय समाज में भारी आक्रोश है। इस बयान को समाज ने वीरता और स्वाभिमान का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। इसी क्रम में सर्व राजपूत क्षत्रिय समाज बिलासपुर के नेतृत्व में 28 मार्च दोपहर 12:30 बजे एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसमें सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

राणा सांगा भारत के उन वीर शासकों में से एक थे, जिन्होंने अपने पराक्रम और युद्ध-कौशल से मुगलों और विदेशी आक्रमणकारियों को कांपने पर मजबूर कर दिया। वे मेवाड़ के महान शासक थे। जिन्होंने 16वीं शताब्दी में बहादुरी और अदम्य साहस का परिचय दिया। खानवा के युद्ध में मुगल सम्राट बाबर से भिड़ने वाले राणा सांगा ने भारतीय स्वाभिमान और क्षत्रिय शौर्य का परचम लहराया। उनके शरीर पर 80 से अधिक घाव थे, एक हाथ और एक आंख खो चुके थे, फिर भी उन्होंने युद्धभूमि नहीं छोड़ी। ऐसे में सपा सांसद के बयान को लेकर समाज में जबरदस्त आक्रोश है।बिलासपुर में सर्व राजपूत क्षत्रिय समाज के नेतृत्व में इस बयान का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। समाज के वरिष्ठ जनों और युवा वर्ग का कहना है कि इतिहास के गौरवशाली योद्धाओं का अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यह बयान केवल एक वीर महापुरुष का नहीं, बल्कि संपूर्ण क्षत्रिय समाज की वीरता और अस्मिता का अपमान है। इसलिए इस विषय पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

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ज्ञापन और आगे की रणनीति

कल एसपी कार्यालय में सौंपे जाने वाले ज्ञापन के माध्यम से समाज यह मांग करेगा कि रामजीलाल सुमन के खिलाफ अविलंब कानूनी कार्यवाही हो। यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो प्रदेशभर में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। क्षत्रिय समाज का यह विरोध न केवल उनके स्वाभिमान की रक्षा के लिए है। यह संदेश देने के लिए भी है कि इतिहास के महापुरुषों का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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