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रायपुर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करने वाले कम से कम 25% यात्री बिलासपुर क्षेत्र से

बिलासपुर में 4 सी एयरपोर्ट होने पर इनकी संख्याऔर बढ़ेगी

बिलासपुर ।हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4सी एयरपोर्ट में उन्नयन के लिए किसी फीजिबिलिटी रिपोर्ट की आवश्यकता से साफ इनकार किया है। समिति ने कहा कि राज्य सरकार पिछले 4 सालों में कई बार यह कह चुकी है कि बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4सी एयरपोर्ट में उन्नयन किया जाएगा और इस तरह की अंडरटेकिंग एक से अधिक बार हाई कोर्ट में भी दी जा चुकी है ऐसे में डीपीआर बनाने के पहले फीजिबिलिटी स्टडी करने की बात कहना अपने वादे से मुकरने जैसा है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने ब्यौरा देते हुए बताया कि 2020 में ही कोरोना काल के पहले जब रायपुर एयरपोर्ट से विभिन्न महानगरों तक यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या सामने आई थी उसे वक्त रायपुर दिल्ली के सेक्टर में प्रतिदिन 1000 यात्रियों से अधिक का आना जाना था जबकि रायपुर से मुंबई बेंगलुरु और कोलकाता सेक्टर में भी 500 से अधिक यात्री प्रतिदिन आना-जाना कर रहे थे। रायपुर एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों में उत्तर छत्तीसगढ़ और बिलासपुर क्षेत्र से विमान पकड़ने वाले लोगों की संख्या एक तिहाई। मानी गई थी इस आधार पर ही सभी ने माना था कि बिलासपुर में भी एक 4 सी एयरपोर्ट होना चाहिए।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने कम से कम दो बार और विष्णु देव साय सरकार ने भी कम से कम दो बार हाई कोर्ट में यह अंडरटेकिंग दी है कि बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4सी की श्रेणी में अपग्रेड किया जाएगा।
4 नवंबर 2024 को हाई कोर्ट में दायर एक शपथ पत्र के में भी राज्य सरकार ने यह कहा था कि शीघ्र ही डीपीआर बनाने के लिए टेंडर जारी होगा। ऐसा ही जवाब विधानसभा में भी राज्य सरकार की ओर से विधायक धर्मजीत सिंह के सवाल पर दिया गया कि 4सी एयरपोर्ट के डीपीआर के लिए टेंडर प्रक्रिया में है। इस सब स्थिति के बावजूद अब डीपर के पहले विजिबिलिटी स्टडी करने की बात सामने आना बिलासपुर क्षेत्र के साथ धोखा है। समिति ने कहा कि अगर ऐसा किया जाता है तो आम जनता एक बड़े आंदोलन केलिए बाध्य होगी।

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