Blog

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण नियम के तहत दर्ज मामलों की बैठक में समीक्षा

22 पीड़ितों को 26 लाख की राहत राशि का भुगतान

बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानीटरिंग समिति की बैठक जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण नियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में विशेष रूप से केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि इस साल 1 जनवरी ऐ 20 जून तक छह महीनों में 22 पीड़ित व्यक्तियों के लिए 26 लाख रूपए की राहत राशि स्वीकृत की गई। इस राशि का भुगतान भी पीड़ित व्यक्तियों को कर दिया गया है। पीड़ित 22 लोगों में 19 अनुसूचित जाति एवं 3 अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। सहायक आयुक्त ने बताया कि अपराध पीड़ित 22 लोगों में हत्या के 2, दैहिक शोषण के 8, छेड़छाड़ के 2 तथा अपमान एवं मारपीट के 10 प्रकरण शामिल हैं। कलेक्टर ने दर्ज मामलों के अंतर्गत पीड़ितों को समय पर राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास पीसी लहरे ने अजा-जजा अत्याचारण निवारण नियम 1995 के प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अजा, जजा वर्ग के ऐसे जरूरत मंद व्यक्ति को तुरंत सहायता एवं राहत पहुंचाना है जो सवर्ण वर्ग के व्यक्ति अथवा समूह द्वारा प्रताड़ित हुआ हो तथा गरीबी के कारण संकटापन्न स्थिति में हो। अत्याचार पीड़ित की मौत पर 8.25 लाख, बलात्कार पर 4 लाख, छेड़छाड़ एवं मारपीट पर 2 लाख एवं अपमानित किये जाने पर 1 लाख रूपए की राहत राशि प्रदान किया जाता है। राहत राशि एकमुश्त ना दिया जाकर किश्तों में दी जाती है। बैठक में जिला पंचायत सदस्य निरंजन पैकरा, दामोदर कांत, श्रीमती रजनी पिन्टू मरकाम, उप पुलिय अधीक्षक अजाक, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं उप संचालक रोजगार उपस्थित थे। बैठक के अंत में सहायक आयुक्त पीसी लहरे ने आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *