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अरपा की चिंता: बरसते पानी में अरपा नदी में किया जल सत्याग्रह

रेत माफिया पर अंकुश लगाने व रियायती दर पर लोगों को रेत उपलब्ध कराने और अवेध उत्खनन . भंडारण की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने निकाली रैली,

बिलासपुर। मंगला का पाट बाबा सहित अवेध रेत घाट रेत माफिया के लिए जाना पहचाना नाम है। यहां दिन और रात रेत की अवैध खोदाई चल रही है। माफिया का आतंक इतना कि सब-कुछ जानने के बाद भी ग्रामीण शिकायत करने से डरते हैं। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में कांग्रेस के कार्यकर्ता व मंगला के ग्रामीणों ने बरसते पानी में मंगला चौक से पाट बाबा रेत घाट तक पांच किलोमीटर पदयात्रा की। पदयात्रा के बाद विजय की अगुवाई में अवैध रेत घाट में उतरकर जल सत्याग्रह किया। इस दौरान विजय ने जिला प्रशासन को रेत माफिया पर अंकुश लगाने व जगह-जगह डंप किए गए रेत की जब्ती बनाने की मांग की।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने ग्रामीणों व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में भवन निर्माण सामग्रियों के दाम पहले से ही सरकार ने तय कर दिया है। इसमें छड़,सीमेंट व ईंट के दाम प्रमुख है। अचरज की बात है कि राज्य सरकार और ज़िला प्रशाशन ने रेत के दाम तय नहीं किया है। इसी का फायदा रेत माफिया उठा रहे हैं। बारिश के दिनों में औने-पौने दाम पर बेचते हैं। रेत घाटों पर प्रदेशभर में रेत की खोदाई पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बाद भी माफिया रेत की खोदाई कर रहे हैं। इस पर सख्ती के सााथ अंकुश लगाने की मांग की है। विजय ने कहा कि रेत माफियाओं पर जल्द अंकुश लगाया जाए व रेत की कीमत तय की जाए। कीमत भी ऐसी कि अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे आम आदमी के बजट के अनुरुप सहजता के साथ उपलब्ध हो जाए।

उन्होंने मांग के साथ ही चेतावनी भी दी है कि इस पर अगर प्रभावी ढंग से अंकुश नहीं लगाया गया तो जिला कांग्रेस कमेटी सीधी कार्रवाई करेगी। हम माफियाओं के ठिकाने प्रशासन को बताएंगे जहां रेत डंप कर रखा गया है। इस दौरान विवाद या फिर अप्रिय स्थिति बनती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पर्यावरण संरक्षण मंडल के नियमों को धता बताते हुए रेत माफिया दबंगाई पर उतर आए हैं। बलरामपुर में माफिया के इशारे पर कांस्टेबल को ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या कर दी। जिले में माफियाओं का आतंक ऐसा कि लोग शिकायत करने से डरते हैं। रेत की कीमत सरकार के बजाय माफिया तय कर रहे हैं। 15 जून से रेत की खोदाई पर पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से प्रतिबंध लग जाता है। प्रतिबंध के बाद भी अब दिन के बजाय रात में अरपा सहित जिले की नदियों में रात में अवैध खोदाई चल रही है। खोदाई के साथ ही वाहनों के जरिए परिवहन भी हो रहा है। माफिया के इशारे पर जगह-जगह रेत डंप किया जा रहा है। डंप किए रेत को बारिश के मौसम का फायदा उठाकर औने-पौने दाम पर बेचा जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने खनिज विभाग के अधिकारी, मैदानी अमला और माफिया के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि रेत की खोदाई हो रही है तभी तो जगह-जगह रेत डंप किया जा रहा है। अचरज की बात ये है कि खोदाई वाले जगह पर छापामार कार्रवाई के बजाय खनिज विभाग के अधिकारी रेत डंपिंग स्पाट पर पहुंच रेत की जब्ती बनाकर वाहवाही लूट रहे हैं। सीधी सी बात नदियों में रेत की खोदाई के बाद ही जगह-जगह रेत डंप किया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि प्रतिबंध के बाद रेत कहां से आ रहा है। सीधी सी बात है माफिया और विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से ही यह सब संभव है। नदियों में निगरानी और खोदाई के दौरान छापामार कार्रवाई करने के बजाय डंप रेत और रेत के परिवहन में शामिल वाहनों को पकड़ रहे हैं। माफिया जहां खेल कर रहे हैं उसे छोड़ दिया गया है।

जब्त रेत,जरुरतमंदों को रियायती दर पर दें—-
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कलेक्टर संजय अग्रवाल व राज्य शासन से मांग की है कि खनिज विभाग,जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा जब्त किए जा रहे रेत को जरुरतमंदों को रियायती दर पर उपलब करा दी जाए। इससे लोगों को कम दाम पर रेत मिल जाएगा और वे अपना रुका काम पूरा कर सकेंगे। इससे माफियाओं की मंशा भी धरी की धरी रह जाएगी।

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