रतनपुर में डायरिया के कहर से घरों- घर बीमार…..फिर दर्जन भर पीड़ित पहुँचे अस्पताल,….बेड फूल लोग घरों में बॉटल चढ़वा इलाज कराने विवश

नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग को रहे कोस
बिलासपुर। डायरिया के कहर से एक आर फिर रतनपुर नहीं बच सका है।डायरिया की चपेट में आए कई लोग इस कदर उल्टी दस्त और बुखार से बीमार हुए है
की अस्पताल में बेड मिलना मुश्किल हो चुका है।आलम ये है कि मरीज अब अपने घरों में इलाज करवा रहे है।
इसके बाद भी नालियों से गुजरे पाइप लाइन की मरम्मत करने की फुर्सत किसी के पास नहीं है।
रतनपुर में प्रदूषित जलापूर्ति के कारण डायरिया का कहर थमने का नाम नही ले रहा है। रोजाना 12 से 15 पीड़ित आ रहे है। गुरुवार को भी 12 नए पीड़ित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जिससे 37 बेड फूल हो गये है। अस्पताल में बेड न होने के कारण लोग अपने घरो में ही इलाज कराने को मजबूर हैं।
लोगो और डॉक्टरो का कहना है कि दूषित जलापूर्ति के कारण फिर यहाँ डायरिया का संक्रमण हुआ है
पिछले साल भी यहाँ दर्जनों लोग डायरिया से पीड़ित हुए थे जिसमें 5 मौते भी हुई थी।तब हाय तौबा मचा उसके बाद पानी का फाल्ट सामने आने पर रतनपुर नगर पालिका ने नाले- नालियों के अंदर से गुजरे क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को बाहर निकलवाने का दावा किया था। सर्वे और नापजोख तक कराया गया था और तो और स्टीमेट बनवाये गए पर डायरिया का संक्रमण थमने के बाद फाइल को रददी की टोकरी में डाल दी गई।जिसके कारण एक बार फिर से खतरा मंडरा रहा है।
बता दे रतनपुर नगर पालिका प्रशासन ने 5 मौतों और दर्जनों लोगों के पीड़ित होने के बाद भी कोई सबक नही लिया है।नतीजा यह निकला कि एक बार फिर से क्षेत्र में डायरिया का कहर जारी है। कहर कम होने का नाम नही ले रहा है। रोज दर्जन भर के आसपास नए पीड़ित उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुच रहे, पिछले 48 घंटे में अस्पताल के 37 बेड फूल हो गए हैं।
कई गांव में है डायरिया का कहर
रतनपुर के नवागांव, कर्रा, गिरजाबंद, महामायापारा में घरों- घर डायरिया का कहर है। बीते सोमवार को 13 और मंगलवार को 23 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, गुरुवार को फिर दर्जन भर पीड़ित आये है.अस्पताल में अब मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है। इतने संक्रमण के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में कैंप तक नहीं लगाया, पीड़ित घरों में इलाज करा रहे है, यहां का सामुदायिक केंद्र एक डॉक्टर सीमित स्टाफ के भरोसे है। डॉक्टर डायरिया के संक्रमण की मुख्य वजह दूषित पानी को बता लोगो को उबाल कर पानी पीने साफ-सफाई बरतने, ताजा भोजन करने, बाहर के खाद्य सामग्री का सेवन न करने की सलाह दे रहे।
तीन मोहल्लों के 36 पीड़ित पहुँचे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
नगर पालिक रतनपुर की गैरजिम्मेदारना रवैये के कारण साल भर बाद फिर डायरिया के कहर से हाहाकार मचा है। हालात ये है कि दो दिन में 36 पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।लोग पूछ रहे कि वो सरकार भी कहती थी कि विकास कार्यो के लिए पैसे की कोई कमी नही है। इसके बाद डायरिया के कहर से कोई नहीं बच पा रहा है।
घरों- घर उल्टी दस्त के संक्रमण से कराह रहे लोग
घरों घर उल्टी दस्त और बीमार होने से लोग परेशान हो रहे है।डायरिया का कहर आतंक मचा कर रखा हुआ है।इसके लिए जनप्रतिनिधि और अन्य लोग इसके लिए जरा भी चिंतित नहीं है।
बल्कि नालियों से गुजरे हुए पाइप लाइन से पीने का पानी पीकर जिंदगी जी रहे है।जिसमें बीमारी भी हो रही है।
फिर वही नाले- नालियों के अंदर से गुजरे पाइप लाइन दोषी, अफसर निर्दोष
ऐसे कई पाइप लाइन है जो नलियों के अंदर से गुजरे हुए पाइप लाइन है।जिसके लिए कई बार लोगों ने शिकायत दर्ज कराई और बोले भी कि बीमारी हो जाता है उसके बाद भी किसी की कानों में जूं तक नहीं रेंग रहा है।जिसके कारण लोग उल्टी दस्त और बुखार से परेशान है।इलाज करवाने तक के लिए लाइन लगवाना पड़ता है।