जीजीयू के प्रोफेसर के मौत का नहीं हुआ अब तक खुलासा
बंद कमरे में मिली थी संदिग्ध परिस्थितियों के लाश
सीएसपी बोले,मौत के कारणों का पता जांच के बाद होगा
बिलासपुर।गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में महज 13 दिन के भीतर दूसरी मौत से परिसर में सन्नाटा फैल गया है। बॉटनी विभाग के प्रोफ़ेसर नरेंद्र कुमार मिश्रा अपने क्वार्टर में मृत पाए गए थे। वे परिसर में अकेले रहते थे। प्राथमिक जांच में कोई बाहरी चोट नहीं मिली है। कोनी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा।लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है।
दरअसल जीजीयू के प्रो. नरेंद्र मिश्रा की लाश उनके विश्वविद्यालय क्वार्टर में पाई गई। सहकर्मियों ने कई बार फोन किया, लेकिन जब उन्होंने फोन नहीं उठाया तो दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। भीतर कमरे में प्रो. मिश्रा मृत अवस्था में पड़े मिले। घर का माहौल देखकर सहकर्मी और पुलिस भी हैरान रह गए।कमरे में साफ-सफाई का अभाव था, दीवारों पर जाले और एकांत का माहौल साफ नजर आ रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि प्रो. मिश्रा बहुत शांत और संयमी स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने कभी किसी से विवाद या झगड़ा नहीं किया।विभाग के शिक्षकों और छात्रों का कहना है कि वे बेहद सरल और मिलनसार थे। संभव है उनकी तबियत अचानक बिगड़ी हो। मौत से कुछ घंटे पहले, शाम करीब सात बजे, वे सुरक्षा गार्ड से मिले थे। मुस्कुराते हुए उन्होंने समय पूछा और अपने घर की ओर लौट गए थे। प्रो. मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। उन्होंने वर्ष 1998 में यूपी के एक कॉलेज से अपने शिक्षण करियर की शुरुआत की थी।कोनी पुलिस ने किया मर्ग कायम कर जांच शुरू
कर दी है।इधर ट्रेन हादसा होने के बाद पुलिस बल और अधिकारी पूरी तरह से ट्रेन हादसे में व्यवस्त रहे जिसके कारण रिपोर्ट नहीं मिल सका है।उम्मीद है कि एक दो दिनों में रिपोर्ट मिल जायेगा।उसके बाद मौत के कारणों का भी खुलासा हो सकेगा।
सीएसपी बोले,रिपोर्ट के बाद बाद चलेगा
सिटी कोतवाली सीएसपी गगन कुमार का कहना है कि मामले में।प्रथम दृष्टया यही पाया गया है कि उनकी तबियत अचानक बिगड़ी होगी और मौत हुई होगी।क्योंकि शरीर के कही कोई चोट के निशान नहीं पाए गए है।फिर भी रिपोर्ट के बाद पूरा मामला क्लियर होगा।