नए एंड्रॉयड एप से बढ़ेगी जवाबदेही, मजबूत होगा सुरक्षा का भरोसा
बिलासपुर पुलिस की डिजिटल पहल, बीट पुलिसिंग को मिला स्मार्ट अवतार
बिलासपुर ।पुलिस अब पारंपरिक बीट पुलिसिंग को डिजिटल ताकत देने जा रही है। स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस ने एक नया एंड्रॉयड बेस्ड डिजिटल एप लॉन्च किया है। इस एप से न केवल पुलिस की जवाबदेही तय होगी, बल्कि आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का भरोसा भी और मजबूत होगा। इस डिजिटल पहल की जानकारी सीएसपी गगन कुमार ने दी।
दरअसल बदलते समय के साथ अपराध के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। कभी पुलिस व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली बीट पुलिसिंग टेक्नोलॉजी के दौर में धीरे-धीरे कमजोर पड़ गई थी। लेकिन अब बिलासपुर पुलिस ने उसी बीट सिस्टम को डिजिटल रूप देकर फिर से प्रभावी बनाने की शुरुआत की है।हाल ही में हुई डीजीपी–आईजी कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ने बीट पुलिसिंग को दोबारा मजबूत करने पर जोर दिया था। इसी सोच को ज़मीन पर उतारते हुए बिलासपुर पुलिस ने यह एंड्रॉयड बेस्ड डिजिटल एप तैयार किया है।
बता दे बीट पुलिसिंग अंग्रेजों के समय से चला आ रहा एक प्रभावी सिस्टम रहा है। डिजिटल युग में टेक्नोलॉजी के जरिए उसी व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इस एप में सभी कॉन्स्टेबल, बीट आरक्षक और थाना प्रभारी रजिस्टर्ड रहेंगे, जबकि इसकी मॉनिटरिंग वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। शहर के सेंसिटिव इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के लिए हर स्थान पर क्यूआर कोड आधारित यूनिक आईडी लगाई जाएगी।
यह एप पुराने बीट नोटबुक सिस्टम को भी पूरी तरह डिजिटल बना रहा है। अब अपराधियों, बदमाशों और संदिग्धों की जानकारी फोटो और जियो-टैगिंग के साथ अपलोड की जाएगी। जेल से छूटकर आए अपराधियों की निगरानी भी इसी सिस्टम से होगी। तय समय पर चेकिंग नहीं होने पर सिस्टम स्वतः रेड अलर्ट जारी करेगा, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही छुप नहीं सकेगी।
फिलहाल इस एप को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक डिविज़न में लागू किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे पूरे जिले और फिर प्रदेश स्तर पर लागू करने की तैयारी है। डिजिटल तकनीक के साथ बीट पुलिसिंग की यह वापसी ‘मिशन सिक्योर सिटी’ की दिशा में अहम कदम है, जहां आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा और अपराधियों में डर पैदा किया जाएगा।