महिलाएं बोली,1910 रुपये में नहीं चलेगा काम
सक्रिय महिलाओं ने सम्मानजनक मानदेय के लिए खोला मोर्चा
बिलासपुर। एनआरएलएम बिहान के अंतर्गत कार्यरत सीआरपी एवं सक्रिय महिला संघ ने मानदेय सुविधाओं और नियमितीकरण को लेकर शासन से मांग की है। संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लागू कराने में सक्रिय महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं इसके बावजूद उन्हें मात्र 1910 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है जो बेहद अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में सक्रिय महिलाओं को 6000 रुपये तक मानदेय दिया जाता है। संघ ने ज्ञापन में बताया कि सक्रिय महिलाओं को अपने निजी मोबाइल से ऑनलाइन और फील्ड कार्य करना पड़ता है जबकि मोबाइल, रिचार्ज और यात्रा भत्ते की कोई व्यवस्था नहीं है। बार-बार ब्लॉक और कलेक्टर कार्यालय बुलाए जाने पर भी यात्रा भत्ता नहीं मिलता। वहीं, लोकलोस, वीआरपी और लखपति दीदी जैसे कार्यों का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है। कई जिलों में राशि बैंक खाते में न देकर कटौती कर दी जाती है जिससे महिलाओं में असंतोष बढ़ रहा है। सक्रिय महिला संघ ने मांग की है कि मानदेय को सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाया जाए और छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुरूप भुगतान किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।