Blog

वेतन दिलाने के नाम पर रिश्वत का आरोप, सहकारिता विभाग में हड़कंप—मिलीभगत के भी गंभीर आरोप

बिलासपुर। सहकारिता विभाग से जुड़ा एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें विभाग के कर्मचारी हेमु पुरैना पर वेतन दिलाने के नाम पर कर्मचारियों से पैसे मांगने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वे कर्मचारियों को 70 हजार से 80 हजार रुपये तक दिलाने का आश्वासन देकर बदले में रकम की मांग करते हैं।
जानकारी के मुताबिक, हेमु पुरैना पूर्व में मस्तूरी में सीईओ के पद पर पदस्थ रह चुके हैं और करीब तीन वर्षों तक वहां कार्यरत रहे। आरोप है कि उस दौरान भी उन्होंने जमकर दलाली की। वर्तमान में वे बिलासपुर स्थित डीआर कार्यालय से जुड़े हुए हैं, जहां भी उनके खिलाफ लगातार दलाली और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मस्तूरी क्षेत्र से आने वाली कई शिकायतों को हेमु पुरैना द्वारा दबा दिया जाता है, जिससे मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाती। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि वे लोगों को ऑपरेटर, बरदाना प्रभारी, प्रबंधक और लिपिक जैसे पदों पर नियुक्त कराने का झांसा देकर पैसे की मांग करते हैं।
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है कि सहकारिता विभाग के पूर्व सीईओ हेमु पुरैना और वर्तमान सीईओ गोदली वर्मा की कथित मिलीभगत से बिना किसी वैकेंसी और बिना आधिकारिक आदेश के लोगों को नौकरी पर रखा जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह नियमों को दरकिनार कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *