पांच और पंद्रह नहीं, मांग सिर्फ एक लीटर के पैक में ही…..खरीदी की मात्रा कम होने की आशंका बन रही….

सतीश अग्रवाल बिलासपुर- पांच और पंद्रह नहीं, मांग सिर्फ एक लीटर के पैक में ही लेकिन जिस अनुपात में दाम बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए अब खरीदी की मात्रा कम होने की आशंका बन रही है।
खाद्य तेलों में आ रहा उबाल अब खुदरा बाजार और खुदरा उपभोक्ताओं को झुलसा रहा है। बाजार इसलिए सांसत में है क्योंकि बड़े पैक में डिमांड लगभग शून्य हो चली है, तो खुदरा उपभोक्ता लगातार आ रही तेजी से हताश हो चला है। खरीदी करने वाले यह दोनों विवश हैं तेजी को सहने के लिए क्योंकि मंदी की संभावना बिल्कुल नहीं है।

आयात बंद पाम ऑयल में
युद्ध की स्थितियों के बीच देश की खाद्य तेल उत्पादन करने वाली इकाइयों को पर्याप्त मात्रा में पाम ऑयल की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। खाद्य तेल उत्पादन की इस प्रमुख आधार सामग्री का आयात बंद होने से सभी प्रकार के खाद्य तेलों के दाम बढ़े हुए हैं। बढ़त की आशंका को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि इकाइयों में पाम ऑयल का स्टॉक अब खत्म होने की स्थिति में आ चुका है।
5 और 15 नहीं
खाद्य तेलों में जो उबाल आया हुआ है उसके बाद 5 और 15 किलो के पैक में उपभोक्ता खरीदी लगभग शून्य हो चली है। घरेलू उपभोक्ताओं ने बड़े पैक की बजाय 1 लीटर की पैकिंग को प्राथमिकता देनी चालू कर दी है, तो होटल, ढाबे और रेस्टोरेंटों ने खरीदी की मात्रा में कटौती करनी चालू कर दी है। इसमें और कमी की आशंका है क्योंकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की तंगी बरकरार है।
तेजी के बाद अब…
राइस ब्रान खाद्य तेल 15 रुपए की बढ़त के बाद अब 145 से 175 रुपए प्रति किलो पर पहुंचा हुआ है, तो सोयाबीन तेल 115 से 145 रुपए की जगह 130 से 160 रुपए जैसी ऊंचाई पर पहुंच गया है। सनफ्लावर में नई कीमत 165 से 200 रुपए बोली जा रही है। यह 150 से 185 रुपए पर था। अचार का सीजन आने वाला है लेकिन इसके लिए सरसों तेल की खरीदी पर अब 150 से 200 रुपए खर्च करने होंगे। बढ़त के पूर्व 140 से 150 रुपए पर यह स्थिर था। बेकरियों को पहली बार वनस्पति तेल की खरीदी पर 150 से 200 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके पूर्व यह 5 से 10 रुपए कम में मिल जा रहा था। खाद्य तेलों का प्रमुख आधार पाम ऑयल अब 130 से 165 रुपए पर पहुंचा हुआ है। वृद्धि के पूर्व इसमें प्रति किलो की खरीदी पर 110 से 150 रुपए खर्च करने पड़ रहे थे