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जब तक सनातन हिन्दू धर्म है, तब तक जाति है, इसलिए सभी धर्म की रक्षा करें –  राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत

जब तक हिंदू धर्म सुरक्षित है, तभी तक भारत देश सुरक्षित है –  राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत

धर्म कार्य के लिए इतनी बड़ी संख्या में जुड़ने से हिंदू धर्म मजबूत होगा – राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत

पेण्ड्रा  / जब तक सनातन हिन्दू धर्म है, तब तक जाति है। इसलिए जातीय राजनीति में नहीं पड़कर सभी हिन्दू धर्म के नाम पर एकजुट और संगठित रहें, तभी धर्म सुरक्षित रहेगा। जब तक हिंदू धर्म सुरक्षित है, तभी तक देश सुरक्षित है, अन्यथा दूसरे धर्म के लोग यदि हावी हुए तो देश को टुकड़ों में बांट देंगे।

बुधवार असेम्बली हाल पेण्ड्रा में आयोजित विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा आयोजित विराट त्रिशूल दीक्षा एवं त्रिशूल शौर्य यात्रा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत ने उपरोक्त बातें अपने उद्बोधन में कही। उन्होंने कहा कि, कुछ शक्तियां हिंदुओं में जातिवाद का जहर घोलकर उन्हें अलग अलग जातियों वर्गों में भेदभाव उत्पन्न करके हिन्दू धर्म को कमजोर करने का षड्यंत्र कर रहे हैं। सभी हिंदुओं को इस षड्यंत्र से सावधान रहते हुए धर्म और देश की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि, बजरंग दल देशभर में धर्म कार्यों में सहभागिता करता है। हिंदू समाज के साथ खड़े होकर समाज सेवा के लिए कार्य करता है। उन्होंने देशभर में चल रहे बजरंग दल के सेवा कार्यों को बताया।

उन्होंने पेण्ड्रा में आयोजित त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम में उपस्थित भारी भीड़ की उत्साह को देखकर कहा कि, धर्म कार्य के लिए इतनी बड़ी संख्या में जुड़ने से हिंदू समाज मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि, इस कार्यक्रम में उन्हें उम्मीद से ज्यादा भीड़ देखने को मिली है, जबकि मौसम बहुत ज्यादा खराब होने से कार्यक्रम स्थल को भी बदलना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पेण्ड्रा में हिंदुओं की एकजुटता से प्रसन्न होकर इंद्र भगवान भी आशीर्वाद के रूप में बारिश कर रहे हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष हर्ष छाबरिया ने कहा कि, आज सौभाग्य हमारे जिले को सौभाग्य मिला है कि यहां पहली बार बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक का आगमन हुआ है। उन्होंने त्रिशूल दीक्षा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ता भारतीय कानून और संविधान को मानते हैं। उसके बावजूद वो धर्म की रक्षा, लव जिहाद रोकने के लिए और बहनों बेटियों की रक्षा के लिए त्रिशूल दीक्षा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहन बेटियों की सुरक्षा विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस कार्यक्रम में निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा की भावना शामिल हुए सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रकाश साहू ने किया। इस अवसर पर ​प्रमुख मार्गदर्शक विश्ववर्धन भट्ट (क्षेत्र संयोजक, बजरंग दल, भोपाल), शुभम नाग (प्रांत संयोजक, बजरंग दल, छत्तीसगढ़), सेवा प्रमुख विभूति भूषण पांडे, विभाग मंत्री राजीव शर्मा, प्रांत सुरक्षा प्रमुख सौरभ देवांगन, अखिलेश भारती, ​स्वामी परमात्मानंद, ​स्वामी कृष्णप्रपन्नाचार्य महाराज, ​स्वामी महानंद एवं ​स्वामी केशवानंद सरस्वती, अशोक महाराज ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में बजरंग दल जिला संयोजक सागर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, रामजी श्रीवास, बृजलाल राठौर, संदीप सिंघई, मातृ शक्ति जिला संयोजक प्रिया त्रिवेदी, सरोज पवार, विभा तिवारी, दुर्गा वाहिनी आकांक्षा साहू, कशिश साहू, निखिल परिहार, आनंद मिश्रा, ब्रह्म कुमारी, अशोक जैन, विवेक जायसवाल, अभय वर्मा, सहित हजारों की संख्या में मातृ शक्ति एवं विहिप, बजरंग दल कार्यकर्ता उपस्थित थे।

नगर में निकाली गई विशाल त्रिशूल शौर्य यात्रा

त्रिशूल दीक्षा के उपरान्त कार्यक्रम स्थल असेम्बली हाल से पेण्ड्रा नगर में विशाल त्रिशूल शौर्य यात्रा पथ संचलन किया गया। राष्ट्रीय संयोजक की उपस्थिति में हुए पथ संचलन का नगर में जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। पथ संचलन में विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष हर्ष छाबरिया और बजरंग दल जिला संयोजक सागर पटेल के नेतृत्व में जीपीएम जिले के संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एक जैसे ड्रेस में कतारबद्ध अनुशासित होकर पथ संचलन किए।

मौसम खराब होने से स्थल बदल असेम्बली हाल में हुआ कार्यक्रम, आधे से ज्यादा भीड़ बाहर ही खड़ी रही

दोपहर 3 बजे अचानक तेज हवा के साथ तेज बारिश होने लगी, जिससे कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हुआ। इसके बाद कार्यक्रम स्थल को तत्काल बदलकर असेम्बली हाल के अंदर कार्यक्रम कराया गया। चूंकि असेम्बली हाल की क्षमता से दोगुना से भी ज्यादा भीड़ कार्यक्रम में पहुंची थी, इसलिए आधे से ज्यादा लोगों की भीड़ को मजबूरीवश असेम्बली हाल के बाहर ही खड़ी रहना पड़ा।

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