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एनटीपीसी का राखड डंप करने के नाम पर चल रहा करोड़ो का खेला,एनटीपीसी आर्शीवाद” ट्रांसपोर्ट के प्रोपाईटर मोनू राजपाल व प्लांट के अधिकारी ट्रांसपोर्टर जीपीएस,फास्टेग के नाम पर एनटीपीसी को लगा रहे करोड़ो का चुना

लंबी दूरी का डंप करने का लेते है ठेका और करते है राखड़ को पास में डंप

बिलासपुर । सीपत एनटीपीसी के डेम से निकलने वाले राखड़ को डंप करने के नाम पर ट्रांसपोर्टर एवं एनटीपीसी के अधिकारियो की मिलीभगत से करोड़ो के फर्जीवाड़े को अंजाम विगत कई वर्षो से दिया जा रहा है।
जिसमें एनटीपीसी के अधिकारियों से लेकर ठेकेदार और टेंडर लेने वाले भी शामिल है।पूरा खेल करोड़ों रुपए का है जिसमें भयंकर रूप से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

दरअसल शिकायतकर्ता दने आरोप लगाया है कि पूरे मामले को लेकर बिलासपुर के एक थाना में लिखित शिकायत किया गया था लेकिन शिकायत के लगभग साल भर बीत जाने के बाद भी जाँच पूरा नहीं हो पाया है। उक्त शिकायत कि खास बात यह थी कि एनटीपीसी के अधिकारी,ट्रैफिक, आरटीओ, स्थानीय पुलिस,एनएचएआई अधिकारी और टोल प्लाजा पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का बड़ा आरोप लगाया है।इतने गंभीर मामलों में भी शिकायत होने के बावजूद
कार्यवाही कछुआ गति से चल रही है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो विभिन्न विभाग के अधिकारी ने जांच को ठंडा बस्ता में डाल दिया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एनटीपीसी डेम से निकलने वाले राखड को प्लांट क्षेत्र से लगभग 120 से 130 किमी या 4 से 5 सौ किमी दूर डंप करने काम दिया गया है।मगर ट्रांसपोर्टर व एनटीपीसी के अधिकारियो की मिलीभगत से राखड को महज 15 से 20 किमी की दुरी पर डंप किया जा रहा है और कागजों में 120 से 130, 400 सौ 500 और 1000 किमी दूर डंप करना बताकर लाखो नहीं बल्कि करोड़ो का फर्जीवाड़ा का खेल किया जा रहा है।यही नहीं ट्रांसपोर्टरो ने ट्रको में लगे जीपीएस को कार के माध्यम से ले जाकर ऑनलाइन दुरी तय करना दिखाया जाता है जबकि नेशनल हाईवे में आने वाले टोल प्लाजा में लगे कैमरे एवं राखड डेम पर लगे कैमरे की जांच कर बारीकी से खुलासा किया जा सकता है।

लंबी दूरी का सफर सिर्फ दिखावा,आसपास के राखड़ डंप कर लाखों का खेल

शिकायतकर्ता के अनुसार टैक्स की फर्जी रसीदे भी बिल भुगतान में लगाकर करोड़ो के ट्रांसपोर्टेशन का राशि वसूली जा रही है| सीपत एनटीपीसी प्लांट में आर्शीवाद ट्रांसपोर्ट जिसके प्रोपाईटर बिल्हा निवासी मोनू राजपाल नामक व्यक्ति है।जिन्हें सीपत एनटीपीसी से राखड़ परिवहन करने के कार्य का वर्क ऑर्डर मिला हुआ है।जिनको राखड़ परिवहन सीपत एनटीपीसी से उरगा पत्थलगावं के लिए ट्रांसपोर्टिंग का कार्य दिया गया है।जिसकी दूरी लगभग 120 से 130 किमी होना बताया गया है किन्तु आर्शीवाद ट्रांसपोर्टर एवं एनटीपीसी अधिकारियों की मिली भगत से एनटीपीसी राखड़ डेम से राखड़ लोड कर जिस वाहन को पत्थलगावं परिवहन करना चाहिए वह वाहन पत्थगांव न जाकर जयरामनगर खैरा, बिल्हा, अकलतरा पत्थर खदान में डम्प किया जा रहा है| उक्त अवैध परिवहन को स्थानीय लोगो के द्वारा विगत दिनों मौके पर ही कई बार पकड़ा था |

शिकायतकर्ता के अनुसार स्थानीय लोगो ने मौके पर आठ वाहन ट्रेलर जिसका वाहन क्रमशः सीजी 10 बीजे 9686, सीजी 10 बीजे 9979, सीजी 10 बीएस 9455, सीजी 10 बीजे 9389, सीजी 10 बीजे 9474, सीजी 10 बीजे 9383, सीजी 10 बीएस 9105 वाहनों को पकड़ा जिसमे एक वाहन का नंबर प्लेट नही दिख रहा था।

भारतमाला प्रोजेक्ट में डालना है राखड़,लेकिन बेच दिया जाता है बाहर

सूत्रों ने बताया कि एनटीपीसी डेम से निकलने वाले राखड को भारतमाला प्रोजेक्ट में उपयोग करना है।लेकिन प्रोजेक्ट में कम और बाहरी तरफ ज्यादा बेचा जा रहा है।बल्कि बिना भेजे फर्जी बिल के माध्यम से लाखों करोड़ों का भुगतान हो रहा है।इसमें गाड़ी का नम्बर बदलना और फर्जी एंट्री करना इसके साथ ही राखड़ की आड़ में शासन को चुना लगाना रहता है।देखा जाए तो पूरा सिस्टम ही इसमें शामिल है।जिनके इशारे पर काम होता है।

जीपीएस से होता है पूरा फर्जीवाड़ा का खेल

सूत्रों के बताया कि राखड़ भरे ट्रेलर पर जीपीएस सिस्टम लगा हुआ रहता है।लेकिन जीपीएस को ट्रांसपोर्टर निकालकर अपने निजी वाहन में लगाकर लंबी दूरी का सफर घूमने के बहाने तय कर लेते है।जिससे जीपीएस के माध्यम से यह पता चल जाता है कि राखड़ से भरे ट्रेलर अपने निर्धारित स्थान पर पहुंच गई है।इस तरह से रोज सैकड़ों ट्रेलर राखड़ का खेल किया जाता है।

ग्रामीणों और सुपरवाइजर को एक ट्रेलर मे अनेक नेम प्लेट के सवाल पर किया जमकर पिटाई

एनटीपीसी सीपत के राखड़ डेम-02 में ‘नंबर प्लेट का खेल’ उजागर करने की कोशिश एक सुपरवाइजर को भारी पड़ गई। हाइवा के आगे-पीछे दो अलग-अलग नंबर देखकर सवाल पूछते ही देवी प्रसाद कुर्रे अपने साथियों के साथ टूट पड़ा। गाली-गलौज, लात-घूंसे और जान से मारने की धमकी के बाद आरोपियों ने पीड़ित का ग्राम हरदा तक पीछा किया।

आगे दूसरा और पीछे दूसरा ट्रेलर पर गाड़ी का नेम प्लेट, पूछा तो भड़क गया ‘मालिक

ग्राम गतोरा निवासी ट्रैफिक मार्शल सुपरवाइजर ड्यूटी पर था, तभी हाइवा क्रमांक सीजी 13 एस 1914 राखड़ लोड करने आया। इसी बीच गौर किया गया तो पता गया कि आगे एक नंबर और पीछे दूसरा नंबर 10 बीडब्लू 9657 चस्पा था। बस, इतना पूछना था कि चालक ने मालिक देवी प्रसाद कुर्रे को फोन कर बुला लिया।
और उक्त राखड़ डेम के पास देवी कुर्रे अपने दर्जन भर से ज्यादा साथियों प्रिंस कुर्रे, दारा सिंह के साथ बाइक पर आ धमका और आते ही ग्रामीणों को गालियां देते हुए चिल्लाया मेरे हाइवा को रोकने वाला तू कौन होता है, बातों ही बातों में गले और पीठ पर मुक्के बरसाने लगे। और जान से मार देंगे। बोलकर धमकी दिया गया।

साथी पहुंचे तो भागे, लेकिन ग्राम हरदा तक पीछा कर किया गया पिटाई

सुपरवाइजर प्रदीप कुमार राठौर और संदीप लहरे को फोन किया। साथियों को आता देख आरोपी फरार हो गए, लेकिन मामला यही शांत नहीं हुआ । प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि देवी कुर्रे गैंग ने हरदा तक पीछा किया, गालियां दीं और गांव मे ही घुसकर बेरहमी से मारपीट किया। प्रदीप का आरोप है कि पहले भी चोरी के भारी वाहन पकडे जा चुके है कई बार धमकी मिल चुकी है। जिसके बावजूद एनटीपीसी के अधिकारी ऐसे फर्जी कार्य करने वालो के ऊपर कार्यवाही करवाने के बजाए देवी कुर्रे जैसे फ्राड लोगो को संरक्षण दे कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है।

भाजपा नेता ने भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की

इस पूरे मामले में भाजपा नेता नरेंद्र वस्त्रकार सरपंच प्रतिनिधि ग्राम पंचायत गतौरा ने बिलासपुर पुलिस, जिला प्रशासन सहित एनटीपीसी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मांग की है। नरेंद्र का आरोप है कि देवी प्रसाद कुरें फर्जी नंबर प्लेट के आधार पर सिंडिकेट चला रहा है और फर्जी तरीके से करोड़ों रु की कमाई कर रहा है, और विरोध करने पर अपने हथियार बंद गुर्गों के साथ ग्रामीणों के साथ मारपीट करता है इतना ही नहीं सरपंच प्रतिनिधि का आरोप है कि देवी कुरें बिलासपुर जिले के कलेक्टर, एसपी और एनटीपीसी के अधिकारियों को अपनी मुट्ठी में रखने का दावा करते हुए क्षेत्र में आतंक मचाने का काम कर मालामाल हो रहा है।

वर्जन
राखड़ की किसी तरह की कोई शिकायत नहीं आई है।

रतन शंकर मिश्रा
पीआरओ एनटीपीसी

वर्जन
अवैध राखड़ और डंप को लेकर शिकायत किया था जिसमें अब तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

देवेंद्र कृष्णन
जनपद सदस्य मस्तूरी

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