पथरी का इलाज कराने गए आरक्षक की संदिग्ध मौत…परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर करने की मांग की….

दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर लाइसेंस निरस्त करने की मांग की
बिलासपुर। पथरी का इलाज कराने अमेरी रोड स्थित श्री राम।केयर अस्पताल पहुंचे आरक्षक की शुक्रवार की दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों के मौत हो गई है।परिजनों के अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।परिजनों का आरोप है कि पथरी के इलाज के किसी की कैसे मौत हो सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार,ग्राम एरमसाही निवासी सत्या पाटले सरकंडा थाना में आरक्षक के पद पर पदस्थ है।जो तिफरा में बने पुलिस कालोनी के निवास करता है।
पिछले कुछ दिनों से उसे पेट के दर्द हुआ जिसके कारण वह डाक्टरों से इलाज करवाया इस बीच पता चला कि उसे पथरी है।तब सत्या ने ज्यादा दर्द होने पर अमेरी रोड स्थित श्री राम केयर अस्पताल में 28 अप्रैल को एडमिट होकर ऑपरेशन करवाया ।इस बीच सब ठीक रहा ।जिसमें डॉक्टरों के मरीज के परिजनों को यह आश्वासन दिया था कि 3 दिनों में छुट्टी दी जाएगी।

इसी दौरान मतलब शुक्रवार की सुबह 4 बजे सत्या को उल्टी होने लगा और अजीब सा लगने लगा।जिसके कारण उसके परिजनों के तत्काल इसको सूचना अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और नर्स के अलावा स्टाफ को दी।लेकिन किसी न उनकी एक नहीं सुनी।तब तक 5 घंटे बीत चुके थे।आनन फानन में पहुंचे डॉक्टरों ने उसकी तबियत देखकर उसका डायलिसिस करने की सलाह परिजनों को दी।परिजनों ने भी हामी भरी और डायलिसिस करने के लिय तैयार हुए लेकिन कुछ देर बार उसकी मौत की खबर आई।जिसे सुनकर परिजन हैरान रह गए और स्तब्ध रह गए।
सत्या की लाश देखकर रन लगी पत्नी
सत्या की लाश देखकर पत्नी ने गंभीर आरोप लगाया है।उनका कहना है कि डॉक्टरों ने लापरवाही बरती है जिसके कारण उसकी मौत हुई है।अन्यथा दो दिनों तक ठीक रहे ।इसलिए इसमें डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए ताकि
लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों को सबक मिल सके और किसी की जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।।
बचपन के मित्र ने बताया पथरी में मौत होना समझ से परे
सत्या के बचपन के दोस्त आशीष कुर्रे का कहना है कि वह और सत्या एक साथ बचपन से पढ़े लिखे है और दोनों पुलिस विभाग में पदस्थ है।कुछ दिनों पहले सत्या आया था और पथरी के बारे में बताया था।जिसके लिए मैने उसे सलाह दिया था कि किसी अच्छे से डॉक्टर के पास जाकर इलाज करवाना है।लेकिन अचानक सत्या के पेट में दर्द उठा।और वह जाकर सीधे श्री राम केयर अस्पताल में भर्ती हो गया है। 28 अप्रैल को एडमिट होने के बाद उसका ऑपरेशन हुआ और उसके बाद उसकी तबियत ठीक रही।लेकिन कल से उसकी तबियत खराब थी और आज सुबह जब उसकी पत्नी ने बताया कि तबियत ज्यादा खराब है और उल्टी हो रहा है सांस लेने में दिक्कत है तब उन्होंने डॉक्टर और नर्स को इलाज करने और देखने के लिए बोली,लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी,बल्कि 5 घंटे तक कोई नहीं आया और बाद में पहुंचे डॉक्टरों ने उसकी तबियत देखकर उसे डायलिसिस फिर किडनी और अचानक बोले कि संक्रमण फैला है।इस तरह से सत्या के बारे में बताकर परीजनों को को गुमराह किया जा रहा था।डायलिसिस के बाद पता चला कि उसकी मौत हो गई है।
जिसमें किसी को यकीन नहीं है कि पथरी से किसकी मौत हो सकती है।इसकी जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।और लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की गाज गिर सके।इसमें डॉक्टरों ने पूरी तरह से लापरवाही बरती है।
बड़े भाई बोले डॉक्टर लापरवाही बरते है,होनी चाहिए कार्रवाई
मृतक सत्या के बड़े भाई ओमप्रकाश कुर्रे ने बताया कि पथरी का इलाज करवाने आए सत्या को क्या मालूम था कि उसे अपनी जान देनी होगी।बल्कि वह तो इलाज करवाने आया था और इसलिए ऑपरेशन करवाया था।अब मौत के बाद डॉक्टर कोई जवाब नहीं दे रहे है बल्कि परिजनों से दुर्व्यवहार कर रहे है।ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
*मृतक के चाचा बोले,एफआईआर और सीबीआई की जांच होनी चाहिए
मृतक के चाचा मेघनाथ खांडेकर का कहना है कि पथरी के इलाज में पहली बार सुना हूं कि मौत होता है।डॉक्टरों ने पूरी रह से झूठ फैलाया है कि संक्रमण फैला था किडनी खराब हो गया है और पानी भर गया है डायलिसिस करना है यह सब डॉक्टरों के नाटक का खेल था जिसमें वे लोग फंस गए है।डॉक्टरों ने पथरी के इलाज में लापरवाही बरती है जिसके कारण उसकी मौत हुई है।5 घंटे तक डॉक्टर।और स्टाफ नदारद था जिसके कारण उसकी मौत हो गई है।इसके लिए दोषियों पर कार्रवाई होना चाहिए।
सरकंडा टीआई बोले,मेरे थाने के पदस्थ था
सरकंडा थाना में पदस्थ टीआई प्रदीप आर्या का कहना है कि सत्या पाटले आरक्षक था जो उनके थाने में पदस्थ था।इलाज के लिए छुट्टी लिया हुआ था ।लेकिन उसकी मौत हो गई है।जो अत्यंत दुखद है।
परिजन बोले,नहीं हुई डॉक्टरों पर कार्रवाई तो सौंपेंगे ज्ञापन
मृतक सत्या पाटले के
परिजनों का कहना है कि इस मामले में।पुलिस ने जरा भी लापरवाही बरती और डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में डॉक्टर के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।इसके लिए सीएम,से लेकर स्वास्थ्य मंत्री के पास भी ज्ञापन देकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
सिविल लाइन पुलिस बोली, मर्ग कायम कर जांच जारी
सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है।जिसकी जांच की जा रही है जांच के बाद कुछ कहा जा सकता है। परिजनों ने आरोप लगाया है जिसमें जांच होगी।