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82 वर्ष के बुजुर्ग को मृत बताकर हड़प लिया दो मंजिला मकान,

फर्जी मुख्तियारनामा से पत्नी के नाम कराई रजिस्ट्री

महाराष्ट्र जाने पर पीछे से खेला गया खेल

सरकारी वेबसाइट पर खुला फर्जी वोटर आईडी का राज,

मुख्य आरोपियों सहित गवाहों पर एफआईआर दर्ज

बिलासपुर।न्यायधानी के सरकंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत चांटीडीह में धोखाधड़ी और कूटरचना का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और पंजीयन विभाग के होश उड़ा दिए हैं। एक शातिर जालसाज ने 82 वर्षीय बुजुर्ग के महाराष्ट्र जाने का फायदा उठाकर उनके नाम का फर्जी मुख्तियारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) तैयार कराया और पंजीयन कार्यालय में किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर बुजुर्ग की स्व-अर्जित दो मंजिला संपत्ति को अपनी ही पत्नी के नाम रजिस्ट्री कराकर कब्जा कर लिया।

एसएसपी के निर्देश पर सरकंडा पुलिस ने मुख्य आरोपी दंपति, फर्जी गवाहों और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 34 के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में ले लिया है।
दरअसल फरियादी मधुकर राव बड़गुजर 82 वर्ष ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2022 में वे अपनी पैतृक संपत्ति के विवाद को सुलझाने धुलिया महाराष्ट्र गए थे। पूरा परिवार दिसंबर 2023 तक वहीं था। इसी बीच 31 दिसंबर 2023 को पड़ोसी हरिशंकर साहू ने फोन कर जानकारी दी कि आपके चांटीडीह वाले मकान में कोई और रह रहा है। बुजुर्ग जब तत्काल बिलासपुर लौटे, तो उन्होंने अपने घर में टी. दीपक मुदलियार नाम के व्यक्ति को पाया। मोहल्ले के वरिष्ठ नागरिकों की बैठक में आरोपी ने 15 जनवरी 2024 तक मकान खाली करने का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गया। इसके बाद पीड़ित ने थाने से लेकर आईजी तक न्याय की गुहार लगाई थी।

ऐसे बुना गया जालसाजी का ताना-बाना

                     *जालसाजी की क्रोनोलॉजी और फर्जी दस्तावेज*                |

फर्जी वोटर आईडी, मुख्तियारनामा में बुजुर्ग के नाम का फर्जी वोटर कार्ड लगाया गया।|
| जिसका इपिक नंबर डीएलएक्स 0049320 है। सरकारी साइट पर जांच करने पर यह नंबर किसी श्याम अवध पटेल’ के नाम पर दर्ज मिला। रजिस्ट्री ऑफिस में जिस फर्जी व्यक्ति को खड़ा किया गया, उसकी फोटो ।साफ तौर पर 45 से 50 वर्ष की दिख रही है, जबकि असली मकान मालिक की उम्र 80 पार है।| जालसाजी को कानूनी रूप देने के लिए बंधन बैंक, सरकंडा शाखा का ₹3,50,000 का चेक (क्र. 000007) बिकी मूल्य दिखाकर रजिस्ट्री कराई गई।

रायपुर की फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट ने साबित किया झूठ

बुजुर्ग मधुकर राव ने हार नहीं मानी और जिला उप पंजीयक कार्यालय बिलासपुर से फर्जी रजिस्ट्री और मुख्तियारनामा की प्रमाणित प्रतिलिपि निकलवाई। दस्तावेजों में लगे अंगूठे के निशान का मिलान कराने के लिए उन्होंने रायपुर की सुप्रसिद्ध फोरेंसिक जानकार डॉ. एस.के. डेंगे के समक्ष अपने अंगूठे के निशान का सैंपल दिया। 31 जनवरी 2026 को आई फोरेंसिक रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि रजिस्ट्री में लगा अंगूठे का निशान और पीड़ित बुजुर्ग का वास्तविक निशान पूरी तरह से भिन्न हैं।

*पंजीयन विभाग की भूमिका की भी होगी जांच*

पीड़ित बुजुर्ग ने शिकायत में जिला उप पंजीयक अधिकारी बिलासपुर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। बायोमेट्रिक मिलान (आंखों की स्कैनिंग और फिंगरप्रिंट) और पहचान पत्रों की सही तरीके से जांच न करने के कारण इतनी बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा सका। पुलिस अब इस मामले में रजिस्ट्री के दौरान मौजूद रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी सघन जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी

नामजद आरोपी: इन पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य सूत्रधारों सहित झूठी गवाही देने वालों को सह-आरोपी बनाया है:

टी. दीपक मुदलियार पिता स्व. काशीनाथ नादम, उम्र 27 वर्ष) – मुख्य साजिशकर्ता।

श्रीमती मुस्कान मुदलियार (उम्र 25 वर्ष) - जिसके नाम पर फर्जी रजिस्ट्री कराई गई।

शिखर नारायण मौर्य (पिता सुशील मौर्य, निवासी चांटीडीह) - फर्जी गवाह।

सुभाष यादव (पिता स्व. बहोर यादव, निवासी चांटीडीह) - फर्जी गवाह।

सेवक गोस्वामी (पिता तामज गोस्वामी, निवासी जांजगीर-चांपा) - फर्जी गवाह।

ऋषिकेश गोस्वामी (पिता तामज गोस्वामी, निवासी कोरबा) - फर्जी गवाह।

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