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सोलंग घाटी में विद्यार्थियों ने सीखी व्यावसायिक मधुमक्खी पालन की तकनीक

बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के विद्यार्थियों ने दिनांक 28 मई 2026 को शैक्षणिक भ्रमण के दौरान सोलंग वैली में व्यावसायिक मधुमक्खी पालन की उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्थानीय व्यवसायी श्री संजय निरातु से मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।

श्री संजय निरातु ने बताया कि उनकी संस्था “हिम दिव्य हनी उत्पादक संस्था” द्वारा विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक शहद जैसे हिमाचल वन शहद, बबूल शहद एवं लीची शहद का उत्पादन किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शहद उत्पादन, संग्रहण एवं विपणन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया।

भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने एपिस मेलिफेरा प्रजाति की मधुमक्खियों के मधुमक्खी बक्से, शहद निष्कर्षक यंत्र तथा छत्ते की संरचना का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने छत्ते में रानी मधुमक्खी, श्रमिक मधुमक्खी, शिशु खंड एवं शहद क्षेत्र की पहचान करना भी सीखा। इसके साथ ही शहद निकालने, प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग में उपयोग की जा रही आधुनिक मशीनों की जानकारी प्राप्त की।

विशेषज्ञों ने बताया कि व्यावसायिक मधुमक्खी पालन कृषि आधारित स्वरोजगार का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है तथा यह विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह शैक्षणिक भ्रमण डॉ. पुष्पालता तिर्की एवं डॉ. यशपाल सिंह निराला के नेतृत्व में किया जा रहा है। छात्र दल का समन्वयन मोक्ष चंद्राकर एवं चारु पटेल द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन. के. चौरे के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।

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