सरकंडा में लगेगा राज्य का तीसरा अनाज एटीएम’,25 जुलाई तक शुरू करने की तैयारी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में राज्य का तीसरा अनाज एटीएम स्थापित किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है और इसे 25 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद राशन कार्डधारक किसी भी समय मशीन से अपने हिस्से का चावल प्राप्त कर सकेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा में पटवारी कार्यालय के समीप यह ग्रेन एटीएम लगाया जा रहा है। यह व्यवस्था बैंक के एटीएम की तरह काम करेगी, लेकिन इसमें नकदी की जगह राशन कार्डधारकों को उनके निर्धारित कोटे के अनुसार चावल मिलेगा। एक बार में इस मशीन से 500 से 700 राशन कार्डों
को जोड़ा जा सकेगा।
कैसे करेगा काम
ग्रेन एटीएम के सामने वाले हिस्से में उपभोक्ता अपना राशन प्राप्त करेंगे, जबकि पीछे की ओर चावल का स्टॉक रखा जाएगा। मशीन में एक बार में करीब 27 क्विंटल चावल भरा जा सकेगा। मशीन के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत
राज्य सरकार इस व्यवस्था को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू कर रही है। वर्तमान में दुर्ग, रायपुर और अब बिलासपुर सरकंडा में इस सुविधा की शुरुआत की जा रही है। भविष्य में इसके सफल होने पर अन्य जिलों में भी इसका
विस्तार किया जाएगा।
विश्व खाद्य कार्यक्रम का सहयोग
यह ग्रेन एटीएम भारतीय खाद्य निगम द्वारा संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से विकसित किया गया है। ओडिशा और बिहार सहित कुछ राज्यों में इस तरह की व्यवस्था पहले से संचालित है। इसका उद्देश्य राशन वितरण को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और समयबद्ध बनाना है।
वर्जन
एटीएम स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है और 25 जुलाई तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद सुविधा शुरू करने की तिथि तय की जाएगी। यह नई व्यवस्था राशन वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक और
उपभोक्ता अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
अमृत कुजूर
खाद्य नियंत्रक बिलासपुर