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नेक्स्ट जेन ई-चालान’ पोर्टल से ऑनलाइन जमा करें चालान शुल्क,चालान नहीं भरा तो कोर्ट की राह तय, लाइसेंस होगा निलंबित

बिलासपुर. यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए यातायात पुलिस ने सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर चालान शुल्क जमा नहीं करने वाले मामलों को नियमित रूप से न्यायालय भेजा जा रहा है। वहीं, बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने या न्यायालय के नोटिस की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन, निरस्तीकरण और गंभीर मामलों में वाहन की नीलामी तक की कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के
निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस ने ऑनलाइन चालान भुगतान की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। पुलिस का कहना है कि नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुगम व्यवस्था उपलब्ध
कराने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। यातायात पुलिस के अनुसार वर्तमान में ई-चालान परिवहन पोर्टल पर सॉफ्टवेयर अपडेशन का कार्य चल रहा है। ऐसे में वाहन चालक ‘नेक्स्ट जेन ई-चालान’ पोर्टल के माध्यम से कंप्यूटर या लैपटॉप से ऑनलाइन चालान शुल्क जमा कर सकते हैं।

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ऑनलाइन ऐसे जमा करें चालान शुल्क

वाहन चालक गूगल क्रोम में ‘नेक्स्ट जेन ई-चालान’ पोर्टल खोलकर वाहन नंबर दर्ज करें, चालान की जानकारी प्राप्त करें और एसबीआई पेमेंट गेटवे के माध्यम से यूपीआई या अन्य डिजिटल विकल्प से शुल्क जमा कर सकते हैं। भुगतान सफल होने के बाद रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।

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मोबाइल पर जा रही चालान की जानकारी

यातायात नियमों के उल्लंघन के 24 घंटे के भीतर वाहन के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चालान और संबंधित मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं की जानकारी भेजी जा रही है। इसके अलावा सात दिनों के भीतर रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से चालान की हार्ड कॉपी वाहन स्वामी के पते पर भी भेजी जा रही है। निर्धारित अवधि तक भुगतान नहीं होने पर मामला स्वतः ई-कोर्ट को भेज दिया जाता है, जहां एक माह तक ऑनलाइन सुनवाई होती है।

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अनदेखी पर लाइसेंस का निरस्तीकरण

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के नोटिस की लगातार अनदेखी करने पर संबंधित चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। वहीं गंभीर धाराओं में दर्ज मामलों में और बार-बार नियम तोडने वाले वाहन चालकों के वाहनों की नीलामी संबंधी कार्रवाई भी न्यायालय के आदेश पर की जा सकती है।

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