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30 हजार की मांग को लेकर 9 दिन से हड़ताल पर

15,900 रुपये के स्टाइपेंड से नाराज सिम्स के 180 इंटर्न डॉक्टर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान के 180 इंटर्न डॉक्टर मासिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले 9 दिनों से हड़ताल पर हैं। वर्तमान में इंटर्न डॉक्टरों को 15,900 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की जा रही है। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि दूसरे राज्यों में इंटर्नशिप करने वाले मेडिकल छात्रों को इससे अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद ठोस पहल नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल का असर सिम्स की ओपीडी व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। सिम्स में प्रतिदिन करीब 2 हजार मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में इंटर्न डॉक्टर मरीजों की प्रारंभिक जांच, ब्लड प्रेशर मापने, पर्ची बनाने और अन्य व्यवस्थाओं में नियमित डॉक्टरों का सहयोग करते हैं। अब इन जिम्मेदारियों का अतिरिक्त दबाव नियमित डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य स्टाफ पर आ गया है।

ओपीडी में बढ़ा काम का दबाव, मरीजों को करना पड़ रहा इंतजार

इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के कारण ओपीडी में मरीजों की प्रारंभिक जांच और अन्य प्रक्रियाओं में नियमित डॉक्टरों को अधिक समय देना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या पहले से ही अधिक होने के कारण छोटी-छोटी प्रक्रियाओं में लगने वाला अतिरिक्त समय भी पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
ओपीडी में मरीजों की कतार के बीच डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है। पर्ची बनाने, बीपी जांचने और मरीजों की प्रारंभिक जानकारी लेने जैसे कामों में भी अतिरिक्त समय लग रहा है। इसका असर मरीजों के दंतजार के समय पर पट रहा है।
ओपीडी में मरीजों की कतार के बीच डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है। पर्ची बनाने, बीपी जांचने और मरीजों की प्रारंभिक जानकारी लेने जैसे कामों में भी अतिरिक्त समय लग रहा है। इसका असर मरीजों के इंतजार के समय पर पड़ रहा है।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांग केवल स्टाइपेंड बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटर्नशिप के दौरान अस्पताल में मरीजों की देखभाल और उपचार से जुड़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें मिलने वाला वर्तमान स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड की तुलना में छत्तीसगढ़ में राशि कम है, इसलिए इसे बढ़ाया जाना चाहिए।

डीन बोले- ओपीडी पर थोड़ा असर, डॉक्टरों को मैनेज करने के निर्देश

सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से ओपीडी व्यवस्था पर थोड़ा असर पड़ा है, लेकिन डॉक्टरों को व्यवस्था संभालने और मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिम्स प्रबंधन के सामने एक ओर इंटर्न डॉक्टरों की मांग का समाधान कराने की चुनौती है, तो दूसरी ओर प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंचने वाले मरीजों के उपचार और ओपीडी व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना भी चुनौती बना हुआ है

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