बालक ने मामी के साथ किया था बलात्कार,सामाजिक बैठक और मामी की एफआईआर पर गया था बाल सुधार गृह,परिजनों ने भी मुलाकात के समय जमानत कराने से मना कर दिया था

बिलासपुर।परिजनों के जमानत नहीं लेने और गलती करने के आरोप से परेशान बाल सुधार गृह में मामी के साथ बलात्कार के आरोपी लड़के की लाश संदिग्ध हालत में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि लड़के ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मृतक रायगढ़ जिले का रहने वाला था। उसे 15 अगस्त को ही बाल न्यायालय के आदेश पर संप्रेक्षण गृह भेजा गया था। बताया जा रहा है कि लड़का घटना से पहले से तनाव में था और बाल सुधार गृह से बाहर आने के लिए परिजनों से जिद कर रहा था। मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी कराई जा रही है। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है।

दरअसल शुभम अघरिया रायगढ़ जिले का रहने वाला था। उस पर एक अपनी मामी से दुष्कर्म का आरोप था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया।
सरकंडा टीआई प्रदीप आर्या ने बताया, शुभम को 15 अगस्त को रायगढ़ से बिलासपुर के बाल सुधार गृह लाया गया था। इससे एक दिन पहले 14 अगस्त को उसकी गिरफ्तारी हुई थी और उसे कोर्ट में पेश किया गया था। बताया जा रहा है कि बाल सुधार गृह आने के बाद से वह मानसिक तनाव में था।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि शुभम ने घटना से एक दिन पहले अपने परिजन से बात की थी। उसकी हरकतों को लेकर परिजन उससे नाराज थे। शुभम बाल सुधार गृह से बाहर आने के लिए परिजनों से जिद कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह काफी मानसिक तनाव में था।
पुलिस ने बाल सुधार गृह के चौकीदार और वहां मौजूद दूसरे लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि शुभम रात में खाना खाने के बाद सो गया था। मंगलवार सुबह चौकीदार ने संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों को उठाया। इसके बाद शुभम बाथरूम जाने के लिए निकला था। इसी दौरान उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की मजिस्ट्रियल जांच भी कराई जा रही है।
कैसे हुई घटना, जांच में जुटी पुलिस
घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर फिलहाल पुलिस ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय युवक कहां था, उसकी निगरानी कौन कर रहा था और सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह इस तरह का कदम कैसे उठा सका।
सुधार गृह में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से संबंधित परिस्थितियों की जांच के साथ-साथ वहां की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था की भी जानकारी जुटा सकती है। पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही मौत की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी घटना
बाल सुधार गृह में हुई यह घटना इसलिए ज्यादा गंभीर हो गई है क्योंकि जुलाई में इसी संस्थान में चौकीदार की हत्या और चार नाबालिगों के फरार होने की सनसनीखेज वारदात सामने आ चुकी है।
13 जुलाई को नूतन चौक स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में नाइट चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार बाल सुधार गृह में निरुद्ध चार नाबालिगों ने चौकीदार को बंधक बनाया और उसकी हत्या के बाद फरार हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था तथा सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया था कि जिस स्थान पर निरुद्ध किशोरों की सुरक्षा, निगरानी और सुधार की जिम्मेदारी है, वहां से गंभीर मामलों में निरुद्ध चार किशोर आखिर एक साथ कैसे फरार हो गए।
चौकीदार हत्याकांड के बाद भी नहीं थमे सवाल
जुलाई की वारदात में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीन आरोपी रायगढ़ और एक कोरबा जिले का रहने वाला था। पुलिस ने घटना के बाद फरार आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगाई थीं। मामले में बाद में आरोपियों की गिरफ्तारी की खबरें भी सामने आईं।
उस समय सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की संख्या, निगरानी और संस्थान की आंतरिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। अब करीब एक महीने के भीतर उसी संस्थान में एक निरुद्ध युवक की मौत की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
मामी के साथ अनाचार करने और परिजनों के जमानत नहीं करने से था परेशान
पुलिस सूत्रों के बताया कि बाल सुधार गृह के बंद लड़का अपनी मामी के साथ अनाचार किया था।जब उसके मामा तमिलनाडु कमाने खाने गए हुए थे इसी बीच वह अपनी मामी के साथ जबरदस्ती बलात्कार किया था। जब मामा घर वापस लौटे तो शराब के नशे में धुत्त भांजे ने मामी के साथ हुए पूरी घटना की बारीकी से जानकारी दी और अपने मामा से बोला कि आप मेरा कुछ नहीं कर सकते।मैने तो मामी का बलात्कार कर दिया है।दूसरे दिन मामा ने सामजिक बैठक करके पूरी घटना की जानकारी दी।उसके बाद थाना में रिपोर्ट लिखाई गई।जिसके कारण शुभम को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेजा गया