वन्दे मातरम् पर कांग्रेस का फैसला घोर तुष्टीकरण और देशविरोधी राजनीति का परिचायक

भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद रूपकुमारी चौधरी की खरी-खरी : 1937 की तुष्टीकरण वाली ऐतिहासिक भूल को फिर दोहरा रही है कांग्रेस, जनता के बीच और विधायी सदनों में पुरजोर विरोध करेंगे
महासमुन्द। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के मात्र दो छंद गाने के निर्णय पर तीखा प्रहार करते हुए इसे अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण, आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला करार दिया है।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 के अपने पुराने प्रस्ताव का अनुसरण करते हुए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना ‘वन्दे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने का निर्णय लिया है। देश के इतिहास का स्मरण कराते हुए श्रीमती चौधरी ने कहा कि वर्ष 1937 में भी कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए ‘वन्दे मातरम्’ के दो टुकड़े किए थे, जिसने देश के विभाजन की नींव रखी और द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत देकर अंततः पाकिस्तान के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था। श्रीमती चौधरी ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ गीत के प्राकट्य के 150वें वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने उस पुरानी ऐतिहासिक भूल को सुधारा और सभी सरकारी आयोजनों में पूरे गीत के गायन का निर्णय लेकर इसे कानूनी जामा पहनाया, जिससे राष्ट्रीय एकात्मता सुदृढ़ हो सके। लेकिन, कांग्रेस पार्टी का यह निर्णय बंकिम बाबू की अमर कृति के साथ-साथ उन लाखों वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का घोर अपमान है, जिन्होंने ‘वन्दे मातरम्’ का जयघोष करते हुए फांसी के फंदे को चूमा और वर्षों जेल की यातनाएं सहीं।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि संसद के अधिनियम को नकारते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी केवल और केवल अपने वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए 1937 के विभाजनकारी रुख को फिर से आगे बढ़ा रही है। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व यह न भूले कि आज़ादी के दशकों बाद आज का स्वतंत्र भारत तुष्टीकरण की ऐसी राजनीति को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। श्रीमती चौधरी ने अपील की कि देश की जनता-जनार्दन इस निर्णय के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज़ बुलंद करे। भाजपा कांग्रेस के इस राष्ट्रविरोधी फैसले की कड़े शब्दों में निंदा करती है और इसके खिलाफ जनता के बीच जाकर तथा विधायी सदनों में पुरजोर तरीके से लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराएगी।