कांवड़ यात्रियों के बीच अश्लील डांस का विरोध कर चर्चा में आए ठाकुर राम सिंह…बिहार के जलेबिया मोड़ में कार्यक्रम रुकवाकर कहा-कांवड़ यात्रा की गरिमा और सनातन संस्कृति का रखें ध्यान

बिलासपुर।सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए देशभर से लाखों कांवड़ यात्री देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे हैं। कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए मार्ग में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। कहीं जलपान, भोजन, चाय और शीतल पेय की व्यवस्था की गई है तो कहीं विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के पैरों की मालिश और प्राथमिक उपचार की सेवा भी की जा रही है।
इसी कांवड़ यात्रा के दौरान बिहार के जलेबिया मोड़ से गुजर रहे बिलासपुर निवासी ठाकुर राम सिंह की नजर सड़क किनारे बनाए गए एक मंच पर पड़ी। वहां कुछ महिला कलाकारों द्वारा अश्लील और फूहड़ नृत्य प्रस्तुत किया जा रहा था। कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह के आयोजन को देखकर ठाकुर राम सिंह ने आयोजकों से इसकी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि कांवड़ यात्रियों के मनोरंजन के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
यह बात ठाकुर राम सिंह को नागवार गुजरी। उन्होंने तत्काल कार्यक्रम पर आपत्ति जताई और आयोजकों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के मार्ग में इस तरह के अश्लील और फूहड़ कार्यक्रम की कोई आवश्यकता नहीं है।
ठाकुर राम सिंह ने कहा कि यदि कांवड़ यात्रियों की सेवा करनी है तो भोजन, जलपान, चिकित्सा, विश्राम अथवा अन्य सेवा कार्य किए जा सकते हैं। यदि उनका मनोरंजन करना ही है तो भजन, धार्मिक गीत और भगवान शिव से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। कांवड़ यात्रा जैसी धार्मिक और संवेदनशील यात्रा के दौरान अश्लील नृत्य जैसे कार्यक्रम सनातन संस्कृति की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कलाकारों के लिए नृत्य एक पेशा हो सकता है, लेकिन आयोजकों को यह समझना चाहिए कि कौन-सा कार्यक्रम कब और कहां आयोजित किया जाना उचित है। धार्मिक यात्रा के मार्ग में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं और इससे सनातन धर्म की छवि को भी नुकसान पहुंचता है।
ठाकुर राम सिंह ने मौके पर मौजूद लोगों से भी अपील की कि वे धार्मिक आयोजनों की मर्यादा बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी समझें। उनके विरोध के बाद वहां चल रहा फूहड़ नृत्य कार्यक्रम बंद कराया गया।
ठाकुर राम सिंह का कहना है कि भगवान शिव के भक्त जिस मार्ग से आस्था और श्रद्धा के साथ गुजर रहे हों, वहां ऐसा वातावरण होना चाहिए जो उनकी भक्ति को और मजबूत करे। सेवा के नाम पर ऐसे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए, जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत हों।